मित्रता की बात करते ही सुदामा-श्री कृष्ण का प्रेम स्मरण हो जाता है

Feb 08 2021

ग्वालियर। माधव बाल निकेतन एवं वृद्ध आश्रम में कमानी पुल के पास लक्ष्मीगंज में चल रही संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा में समापन दिवस में सुप्रसिद्ध भागवताचार्य पं.घनश्याम शास्त्री महाराज ने सुदामा चरित्र का वर्णन किया। प्रवचन में कहा कि सुदामा एक दरिद्र ब्राह्मण थे, जिन्होंने भगवान श्रीकृष्ण और बलराम के साथ संदीपन ऋषि के आश्रम में शिक्षा ली थी। दरिद्रता तो जैसे सुदामा की चिरसंगिनी ही थी। एक टूटी झोपड़ी, दो-चार पात्र और लज्जा ढकने के लिये कुछ मैले और चिथड़े वस्त्र, सुदामा की कुल इतनी ही गृहस्थी थी। दरिद्रता के कारण अपार कष्ट पा रहे हैं। पत्नी के आग्रह को स्वीकार कर कृष्ण दर्शन की लालसा मन में संजोये हुए सुदामा कई दिनों की यात्रा करके द्वारका पहुंचे।
द्वारपाल के मुख से सुदामा शब्द सुनते ही भगवान श्रीकृष्ण ने जैसे अपनी सुध-बुध खो दी और वह नंगे पांव ही दौड़ पड़े द्वार की ओर। दोनों बाहें फैलाकर उन्होंने सुदामा को हृदय से लगा लिया। भगवान श्रीकृष्ण सुदामा को अपने महल में ले गये। उन्होंने बचपन के प्रिय सखा को अपने पलंग पर बैठाकर उनका चरण धोया। कृष्ण के नेत्रों की वर्षा से ही मित्र के पैर धुल गये। सुदामा खाली हाथ अपने गांव की और लोट पड़े और मन ही मन सोचने लगे कृष्ण ने बिना कुछ दिए ही मुझे वापस आने दे दिया। सुदामा जब गांव पंहुचा तो देखा झोपड़ी के अस्थान पे विशाल महल है और सुदामा अकबका सा गया।
पाठ वाचक ने बताया की कृष्ण ने बताए बिना तमाम ऐश्वर्य सुदामा के घर भेज दिया। अब सुदामा जी साधारण गऱीब ब्राह्मण नहीं रहे। उनके अनजान में ही भगवान ने उन्हें अतुल ऐश्वर्य का स्वामी बना दिया। किंतु सुदामा ऐश्वर्य पाकर भी अनासक्त मन से भगवान के भजन में लगे रहे। अरे द्वारपालों कन्हैया से कह दो दर पर सुदामा गरीब आ गया भजन पर भागवत प्रेमी झूम उठे।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से रामलला मंदिर के महंत मनीष शर्मा पूर्व एमआईसी सदस्य एवं आजीवन सहयोग निधि के प्रभारी सतीश बोहरे, गंगा शास्त्री, शिल्पा डोगरा, प्रयाग सिंह तोमर, नरेंद्र शर्मा, सुनील कुमार खरे आदि मौजूद थे।
जिसमें सभी संस्था के पदाधिकारी, नूतन श्रीवास्तव, पवन भटनागर, श्रीमती इंदिरा मंगल, सुनील श्रीवास्तव, मनोज दुबे, चेतन शर्मा, अनूप श्रीवास्तव, सुरेंद्र श्रीवास्तव, मोनिका मिश्रा, सीमा सक्सेना, रणवीर सिंह, श्याम श्रीवास्तव, आरके श्रीवास्तव, दिलीप चंद्र गोयल, निष्ठा सिंह, रजनी कुशवाह, राजेश तोमर, निर्मल पांडे, आशीष श्रीवास्तव, दीपक श्रीवास्तव एवं सहयोगी जन मौजूद रहें।