सर्व समाज का हितैषी रहा है ब्राह्मण समाज

Feb 08 2021

 ग्वालियर। अखिल भरतीय ब्राह्मण महासभा के पदाधिकारियों का शपथ ग्रहण एवं ब्रह्म के स्वर राष्ट्रीय पत्रिका के तृतीय अंक का विमोचन समारोह लक्ष्मी बाई कॉलोनी स्थित कमन्युटी हाल में आयोजित किया गया। इस अवसर पर गंगादास की शाला के महंत रामसेवक दास महाराज, कमलदास महाराज, ऋषि महाराज, एवम सन्त गोपालदास महाराज मुख्य अथिति के रूप में उपस्थित थे।
अध्यक्षता महासभा के मुख्य सरंक्षक एवम पत्रिका के प्रधान संपादक डॉ केशव पांडेय ने की। जबकि अशोक शर्मा, आत्माराम पाठक, प्रकाश नारायाण शर्मा, आनंद नारायण गौड़, केपी नारोलिया, आरके शुक्ला, डॉ जयवीर भरद्वाज, एसके शर्मा, रामावतार दुबे, शशिकांत दिक्षित एवम बासुदेव कक्का विशेष रूप से मौजूद थे। कार्यक्रम का संचालन गौरव राजौरिया एवम आभार व्यक्त आदित्य राजोरिया ने किया ।
संस्था के सचिव सचिन पांडेय ने स्वागत भाषण दिया ।प्रधान संपादक डॉ केशव पांडेय ने महासभा एवम पत्रिका की सामाजिक गतिविधियों पर प्रकाश डाला। साथ ही अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा के प्रदेश अध्यक्ष अतुल दुबे ने संग़ठन के विस्तार हेतु महा सदस्यता विप्र जोड़ो अभियान के बारे में बिस्तृत बताया। आगामी कार्ययोजना से अवगत कराया उन्होंने समाज के युवाओं से अपनी शक्ति का सकारात्मक रूप से राष्ट्रपति में उपयोग करने का आव्हान किया। महासभा के सरंक्षक किशन मुदगल ने कहा कि प्रतिस्पर्धा से ही प्रगति होती है। जरूरत है हम छोटी से छोटी इकाई में भी संगठित होकर रहे। ब्राह्मण का मतलब ही है कि संगठित होकर सबको साथ लेकर चले। पत्रिका के सह सपादक जीतेन्द्र शर्मा ने पत्रिका के माध्यम से किये जा रहे समाजिक सरोकारों की जानकारी दी। संगठन प्रभारी भूपेंद्र बालोठिया एवम प्रदेश संयोजक दिनेश डंडोतिया ने संग़ठन की भिभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी।
मुख्यातिथि कमलदास महाराज ने कहा कि ब्राह्मण सदियों से संस्कृति सयता और संस्कारो का रक्षक रहा है। मौजूदा परिवेश में ब्राह्मण को अपने ब्राह्मणत्व को कायम रख संस्कारो को भी बनाये रखना होगा। इसके लिए जरूरी है। कि उन्हें कुरीतियों से दूर रहना होगा नशे का नाश करना होगा। संग़ठन में संगठित होकर समाजहित के साथ ही सर्व समाज के लिए भी सोचना व कार्य करना होगा। क्योंकि ब्राह्मण सर्व समाज का हितैषी भी रहा है। इनके अलावा अशोक शर्मा,  भारती पुजारी, गार्गी शर्मा, एवम नीलम उदेनिया ने भी विचार व्यक्त किये। इस दौरान महासभा और महिला इकाई और परशुराम सेना के सैंकड़ों पदाधिकारीयो को शपथ ग्रहण कराया और प्रसस्ति पत्र वितरित किये गए।