भगवान ने गोवर्धन पर्वत इसलिए उठाया कि धरती पर फैली बुराइयां दूर हो - घनश्याम शास्त्री

Feb 06 2021

ग्वालियर। माधव बाल निकेतन एवं वृद्ध आश्रम कमानी पुल के पास लक्ष्मीगंज में चल रही वृद्ध बेसहारा माता पिता बुजुर्ग को सुनाई जा रही संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा मैं आज पांचवे दिन सुप्रसिद्ध भागवताचार्य पं.श्री घनश्याम शास्त्री महाराज ने गोवर्धन का अर्थ है गो संवर्धन। भगवान श्रीकृष्ण ने गोवर्धन पर्वत मात्र इसीलिए उठाया था कि पृथ्वी पर फैली बुराइयों का अंत केवल प्रकृति एवं गो संवर्धन से ही हो सकता है। शास्त्री जी ने कहा कि अगर हम बिना कर्म करे फल की प्राप्ति चाहेंगे तो वह कभी नहीं मिलेगा, कर्म तो हमें करना ही होगा।
गोवर्धन पर्वत की कथा सुनाते हुए कहा कि इंद्र के कुपित होने पर श्रीकृष्ण ने गोवर्धन उठा लिया था। इसमें ब्रजवासियों ने भी अपना-अपना सहयोग दिया। श्रीकृष्ण ने ब्रजवासियों की रक्षा के लिए राक्षसों का अंत किया तथा ब्रजवासियों को पुरानी चली रही सामाजिक कुरीतियों को मिटाने एवं निष्काम कर्म के जरिए अपना जीवन सफल बनाने का उपदेश दिया। इस मौके पर माधव बाल निकेतन एवं वृद्ध आश्रम के प्रांगण में गिरिराज पर्वत की झांकी सजाई गई एवं छप्पन भोग लगा कर श्रद्घालुओं को प्रसादी वितरित की गई। तथा सुंदर-सुंदर झांकियां लगाई गई तथा सुंदर सुंदर भजन पर में गोवर्धन को जाऊं मेरे वीर नहीं माने मेरो मनुआ पर भक्त भावविभोर होकर नृत्य करने लगे प्रतिदिन प्रसादी वितरण बालाजी दरबार के महंत पप्पी महाराज की तरफ से किया जा रहा है इस अवसर पर संस्था के चेयरमैन नूतन श्रीवास्तव एवं सभी पदाधिकारी, सदस्य मौजूद रहें।