भगवान शिव की बात ना मानने पर पार्वती मैया को होना पड़ा अपमानित: शास्त्री

Feb 04 2021

ग्वालियर। माधव बाल निकेतन एवं वृद्ध आश्रम कमानी पुल के पास लक्ष्मीगंज में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के तीसरे दिन कथा सुनाते हुए कथा वाचक सुप्रसिद्ध भागवत आचार्य पं.घनश्याम शास्त्री जी ने बताया कि किसी भी स्थान पर बिना निमंत्रण जाने से पहले इस बात का ध्यान जरूर रखना चाहिए कि जहां आप जा रहे है वहां आपका, अपने इष्ट या अपने गुरु का अपमान हो। यदि ऐसा होने की आशंका हो तो उस स्थान पर जाना नहीं चाहिए। चाहे वह स्थान अपने जन्म दाता पिता का ही घर यों हो। कथा के दौरान सती चरित्र के प्रसंग को सुनाते हुए भगवान शिव की बात को नहीं मानने पर सती के पिता के घर जाने से अपमानित होने के कारण स्वयं को अग्नि में स्वाह होना पड़ा। 
कथा में उत्तानपाद के वंश में ध्रुव चरित्र की कथा को सुनाते हुए समझाया कि ध्रुव की सौतेली मां सुरुचि के द्वारा अपमानित होने पर भी उसकी मां सुनीति ने धैर्य नहीं खोया जिससे एक बहुत बड़ा संकट टल गया। परिवार को बचाए रखने के लिए धैर्य संयम की नितांत आवश्यकता रहती है। भक्त धु्रव द्वारा तपस्या कर श्रीहरि को प्रसन्न करने की कथा को सुनाते हुए बताया कि भक्ति के लिए कोई उम्र बाधा नहीं है। भक्ति को बचपन में ही करने की प्रेरणा देनी चाहिए योंकि बचपन कच्चे मिट्टी की तरह होता है उसे जैसा चाहे वैसा पात्र बनाया जा सकता है। कथा के दौरान उन्होंने बताया कि पाप के बाद कोई व्यक्ति नरकगामी हो, इसके लिए श्रीमद् भागवत में श्रेष्ठ उपाय प्रायश्चित बताया है। अजामिल उपायान के माध्यम से इस बात को विस्तार से समझाया गया साथ ही प्रह्लाद चरित्र के बारे में विस्तार से सुनाया और बताया कि भगवान नृसिंह रुप में लोहे के खंभे को फाड़कर प्रगट होना बताता है कि प्रह्लाद को विश्वास था कि मेरे भगवानइस लोहे के खंभे में भी है और उस विश्वास को पूर्ण करने के लिए भगवान उसी में से प्रकट हुए एवं हिरण्यकश्यप का वध कर प्रह्लाद के प्राणों की रक्षा की। आज के कार्यक्रम में मुख्य रूप से डोली बुआ महाराज अन्ना मठ के महंत मनीष, पूर्व मंत्री अनूप मिश्रा, पूर्व विधायक घनश्याम पिरौनिया, संतोष शर्मा, राकेश गुप्ता, पप्पू पवैया, मनोज तोमर, धर्मेंद्र कुशवाह, सुरजीत सिंह भदोरिया, जयंत शर्मा, अनूप भार्गव, विवेक भार्गव, रमेश यादव, अजय गुप्ता, राघवेंद्र शर्मा, माधव बाल निकेतन के चेयरमैन नूतन श्रीवास्तव, पवन भटनागर, मनोज दुबे, सुनील श्रीवास्तव, श्याम श्रीवास्तव, अनूप श्रीवास्तव, आशीष श्रीवास्तव, आदि लोग उपस्थित थे।