ब्रज विहारी सुलभ हैं जबकि वैकुंठनाथ दुर्लभ हैं: सुश्री गुंजन

Feb 01 2021

ग्वालियर। सप्तम दिवस की कथा सुनाते हुए मैहर वाली माता चंद्रबदनी नाका स्थित मंदिर में सुश्री सुश्री गुंजन वशिष्ठ ने कहा कि वह कौन सी जात बहुत दुर्लभ है और बृजनाथ बहुत सरल है सुलभ है, जिनकी भृकुटी टेढ़ी होते ही ब्रह्मा जी जाते हैं वहीं छोटे वहीं ब्रजनाथ गोपियों की डांट से डर जाते हैं गोपियां कहती हैं कन्हैया थोड़ा ठुमका लगा कर दिखा हम तुझको माखन देंगे सांच देंगी और भगवान गोपियों के कहने से ठुमक ठुमक नाचते हैं बैकुंठ नाथ दुर्लभ है और बृज बिहारी सुलभ है जो भक्तों को सहजता से प्राप्त हो जाते हैं और आगे की कथा में श्री रास पंचाध्याई की कथा सुनाई भगवान ने समस्त गोपियों के साथ रास रचाया रास में प्रवेश करने से पहले भगवान ने ब्रह्मा जी का मान मर्दन किया इंद्र का मान मर्दन किया और मानो यह बताया की तुम मुझे केवल गोपियों के साथ नृत्य करने वाला नर्तक नहीं समझना जैसे सूर्य के आगे दीपक के प्रकाश का प्रभाव नहीं पड़ता ऐसे ही भगवान श्री योगेश्वर कृष्ण के आगे काम का प्रभाव नहीं पड़ता आगे की कथा में उन्होंने भगवान के मथुरा गमन की लीला और उद्धव चरित्र की कथा सुनाते हुए कहा कि भगवान उद्धव को प्रेम का पाठ पढ़ाना चाहते थे इसलिए उन्हें वृंदावन भेजा और अंत में श्री रुमणी मंगल विवाह बड़े धूमधाम के साथ मनाया गया गाजे बाजे के साथ बारात निकाली गई आगे आरती में बृजमोहन शर्मा, संजय पाठक, बालू भार्गव, जसवंत सिंह चौहान, मोना शर्मा, राजेंद्र गुर्जर सभी ने श्रीमद् भागवत महापुराण की आरती की आज सुदामा चरित्र की कथा सुनाई जाएगी और कथा का विश्राम है और कल हवन एवं भंडारा के साथ होगा।