व्यक्ति के जीवन में अभिमान आता है तो भगवान चले जाते हैं: सुश्री गुंजन

Jan 30 2021

ग्वालियर। व्यक्ति के जीवन में अभिमान आता है तो भगवान चले जाते हैं व्यक्ति को जिस चीज का अभिमान होता है भगवान उसी वस्तु का हरण कर लेते हैं धन का अभिमान होगा तो धन हरण कर लेते हैं बल का अभिमान होगा तो बल हरण कर लेंगे बुद्धि का अभिमान होगा तो बुद्धि हरण कर लेंगे भक्त कहता है कि प्रभु मेरी यही विनती है कि आप मुझे अपना दास बना लो मन आपका स्मरण करता रहे पाया से आपका कर्म करता रहूं यही वैष्णो का धर्म है और यही वैष्णव संपत्ति है राजा परीक्षित ने जिज्ञासा की कि भगवान मैंने सुना है कि एक बार भगवान को मोना बनकर मोना बनकर वामन रूप से बली की यज्ञशाला में भिक्षा मांगने के लिए जाना पड़ा तब श्री सुखदेव कहने लगे कि राजन राजा बलि ने स्वर्ग पर चढ़ाई की तब देवराज स्वर्ग छोड़कर भाग गए और दाराज बली का भूलोक और स्वर्ग लोक और पाताल लोक तीनों पर अधिकार हो गया उसी समय देवताओं की माता आदित्य देवी दुखी होकर अपने पति कश्यप के पास गई आगे उन्होंने राम जन्म की कथा सुनाते हुए कृष्ण जन्म की कथा सुनाइए कि कंस ने देवकी के सात पुत्रों का हनन किया कथा के अंत में श्री स्वामी रामसेवक दास महाराज, डॉ वंदना भुपेंद्र प्रेमी, ममता कटारे ने नहरवाली माता समिति के ब्रजमोहन शर्मा, मोना शर्मा, संजय पाठक, श्याम पाठक, जसवंत चौहान, राजेंद्र गुर्जर सभी ने श्रीमद भागवत की आरती उतारी।
आज की कथा में श्री गिरिराज जी की झांकी का सुंदर दर्शन होगा व छप्पन भोग लगाए जाएंगे।