अपनी विधानसभा को स्वच्छ करने ऊर्जा मंत्री सड़क पर

Jan 29 2021

ग्वालियर। शहर अपना है और हमारे प्रयास से यह प्रदेश में ही नहीं देश में नंबर वन बन सकता है, बस इसके लिए हमें मिलकर प्रयास करना होगा। यह बात शुक्रवार सुबह जनजागरूक अभियान में प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह ने कही। इस अवसर पर भाजपा कार्यकर्ता व जिले के अफसर भी मौजूद थे। कुछ स्थानों पर लोगों ने शिकायत की, जिसका मंत्री ने मौके पर ही निराकरण कराया। जनजागरूक अभियान स्टेट बैंक चौराहे से शुरू हुआ जो विधानसभा क्षेत्र में कई जगह पहुंचा।
पदयात्रा के दौरान ऊर्जा मंत्री श्री तोमर आम नागरिकों से अपील कर रहे हैं कि ग्वालियर शहर को स्वच्छ, सुंदर बनाना है। इसके साथ ही आम लोगों को पानी, बिजली बचाने के लिये प्रेरित करना भी है। गंदे पानी से निजात हेतु सभी लोग अपने घरों के नल में टोंटी अवश्य लगाए, इसका संदेश भी दे रहे हैं।
यहां-यहां से निकली पदयात्रा
ऊर्जा मंत्री तोमर ने अपने पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार शुक्रवार की सुबह साढ़े दस बजे अपने विधानसभा क्षेत्र के स्टेट बैंक चौराहे से दो दिवसीय पदयात्रा शुरु की। यहां से पदयात्रा चंदनपुरा, दुर्गादास बिहार, बिरलानगर्र जती की लाइन पहुंचे और इन इलाकों के रहवासियों को घर के अंदर जैसी सफाई घरों के बाहर रखने के लिए सहयोग की अपील की।
पदयात्रा के दौरान जगह-जगह क्षेत्रवासियों से मंत्री तोमर ने उनकी समस्याओं को जाना और मौके पर ही साथ चल रहे अधिकारियों से तत्काल लोगों की समस्याओं का निराकरण करने के निर्देश भी दिए। इसके बाद पदयात्रा न्यू ग्रेसिम विहार कॉलोनी, बृहमोहन शिवहरे तेलमिल, इन्द्रानगर, चार शहर का नाका, राजामंडी पुल, किलागेट, सराफा बाजार, बाबा कपूर घासमंडी चौराहा पहुंचकर क्षेत्रवासियों से उनकी परेशानियों की जानकारी ली।
बेटा खुदी पड़ी है गली
लोगों ने सफाई, राशन नहीं मिलने, संबंल योजना में शामिल नहीं करने की शिकायत की। पदयात्रा के दौरान जतीकी लाइन में रहने वाली अस्सी साल की वृद्धा ने मंत्री को आशीर्वाद देते हुएकहा कि बेटा घर के बाहर की गली वर्षों से खराब पड़ी हुई है निकलने में परेशानी होती है बेटा गली बनवा दें तो भगवाना भला करेगा। वृद्धा कीशिकायत सुनते ही मंत्री ने मौके पर मौजूद निगम अधिकारियों से गली की तत्काल फ र्शी कराने के निर्देश दिए।
खाए मालपुआ, की तारीफ
मंत्री जब पदयात्रा के दौरान कांचमील इलाके पहुंचे तो एक ठेले पर मालपुआ बनते खुद को रोक नहीं पाए और ठेले पर जा पहुंचे और ठेले वाले से कहा, भाई मालपुआ नहीं खिलाओगे। उसकी बात सुनते ही नास्ता वाले ने उन्हें गर्मागर्म मालपुआ खिलाए।