तानसेन यूजिकल ग्रुप ने दी प्रस्तुति

Jan 28 2021

ग्वालियर। तानसेन यूजिकल ग्रुप ऑफ ग्वालियर द्वारा आजाद भारत के 72 वें गणतंत्र दिवस 26 जनवरी 2021 मंगलवार को देश के शहीदों एवं भारत के संविधान निर्माता के नाम देशभक्ति के गीतों के माध्यम से स्वरांजलि कार्यक्रम का आयोजन कियागया। कार्यक्रम मैं मुय अतिथि के रुप मेंपधारे परमार्थ आश्रम के संस्थापक महंत समर्थ तीर्थ महाराज ने दीप प्रज्वलित कर एवं मां सरस्वती जी की मूर्ति पर पुष्पमाला पहनाकर शुभारंभ किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता तानसेन यूजिकल ग्रुप ऑफ ग्वालियर के ग्रुप कोऑर्डिनेटर.आर.डी.सिंघंल ने की।
मुख्य अतिथि के रुप में उपस्थित श्री समर्थ तीर्थ महाराज ने अपने उद्बोधन में कहा कि जिन देशभक्तों व महापुरुषों ने अपनी जान देकर इस देश को आजाद कराया है, हमारा फर्ज बनता है कि हम इस आजादी को व उनकी कुरवानी को याद रखते हुए ए उनके आदर्शो का एवं जीवन चरित का पालन करें। कार्यक्रम के प्रारभ में प्रीति अस्थाना ने दे मातरम गीत गाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर ग्वालियर के जाने-माने कलाकार गायक कलाकारों ने कर्म से अपने देश भक्ति की का गीत गाकर देश के शहीदों एवं भारत के संविधान निर्माताओं को याद करते हुए देशभक्ति के गीतों के माध्यम से स्वरांजलि अर्पित करते हुए विभिन्न देशभक्ति के गीत गाए। 
गीतों की संख्या में नीरज मिश्रा ने, हर करम अपना करेंगे, वतन तेरे लिए गीत गाया। डॉक्टर अमर पाटिल ने जहां की रीत सदा ए गीत गाया। मुकुल मित्तल ने हम लाए हैं तूफान से किश्ती निकाल कर, रोहित गांधी ने अब तुहारे हवाले हे वतन साथियों। अवध गुप्ता ने आजादी को हम भुला सकते नहीं। कुमारी आरती पाठक ने लुक्का लुका छुपी गीत गाया।
केके सक्सेना ने होठों पर सच्चाई रहती है। श्रीमती गुड्डन सक्सेना ने सारे जहां से अच्छा हिंदुस्ता हमारा। प्रफुल्ल वैशंपायन ने जहां डाल डाल पर सोने की चिडिय़ा करती है बसेरा वह भारत देश है मेरा। गुरविंदर शर्मा ने ऐसा देश है मेरा। नवीन ससेना ने मेरे देश प्रेमियों आपस में प्रेम करो। विपिन समाधिया ने जिंदगी मौत ना बन जाए संभालो यारो। हरीश बत्रा एवं लावण्या बत्रा,ने ऐ मेरे प्यारे वतन। आशुतोष यादव ने सुनो गौर से दुनिया वालों। श्रीमती रिंकी राजोरिया ने मेरा मुल्क मेरा देश। शिवांश गांधी ने नन्ना मुन्ना राही हूं देश का सिपाही हूं। रमाकांत गोयल नेछोड़ो कल की बातें कल की बात पुरानी। संतोष चालीसगांव ने इंसाफ की डगर पर बच्चों दिखाओ चल के। सोनू समद ने मेरे देश की धरती सोना उगले उगले हीरा मोती। मनीष कुमार ने कविता का पाठ किया। कार्यक्रम का संचालन केके.सक्सेना ने किया एवं आभार डॉ अमर पाठक ने किया।