झूठा केस बनाने पर दतिया टीआई सस्पेंड, घटनाक्रम छुपाने पर कंपू टीआई अटैच

Jan 18 2021

ग्वालियर। गलती छुपाने की चालाकी ग्वालियर क्षेत्र के दो थाना प्रभारियों को भारी पड़ी। एक सस्पेंड कर दिए गए, तो दूसरे से थाना छीनकर लाइन में भेज दिया गया। मामला दतिया और ग्वालियर जिले से जुड़ा है। दिलचस्प मामले का खुलासा जेल में बंद आरोपी के पिता के शिकायत पत्र से हुआ है। उन्होंने बताया कि पहली बात तो घटना हुई ही नहीं, मेरे बेटे को जबरन फंसा दिया। मामूली बहस पर मोबाइल लूटने का आरोप लगा दिया, फिर जबर्दस्ती दतिया ले गए और वहां हथियार के साथ पकडऩा बताकर जेल भेज दिया। अफसर फरियाद पढ़ते ही चौंक गए। तत्काल इनपुट निकाला तो बात सही निकली। दोनों जगह के थाना प्रभारियों को गाज गिर गई। 
बात 15 जनवरी की है। दतिया कोतवाली के थाना प्रभारी रत्नेशसिंह यादव को अचानक कोई निजी काम आ पड़ा और वे ग्वालियर रवाना हो गए। वे मुख्यालय छोड़ रहे थे.. इसकी खबर किसी वरिष्ठ अधिकारी को नहीं दी। वे ग्वालियर के कंपू थाना क्षेत्र में आए थे, तभी किसी बदमाश ने उनका मोबाइल लूट लिया। रत्नेश ठहरे पुलिसवाले.. उन्होंने तुरंत पीछा कर बदमाश ओम भार्गव निवासी गुढ़ा गुढ़ी को पकड़ा। मोबाइल भी बरामद कर लिया। इसकी सूचना उन्होंने कंपू थाना क्षेत्र की प्रभारी अनिता मिश्रा को दी, तो उन्होंने पुलिस बल भेजा। बावजूद रत्नेश ने इस मामले की रिपोर्ट नहीं कराई, न ही बदमाश को कंपू पुलिस को सौंपा। उलटा वे इसे अपने साथ दतिया ले आए और अपने थाने में एफआईआर करा दी। उसमें मोबाइल लूट नहीं, बल्कि आर्म्स एक्ट की धाराएं लगाईं और आरोपी ओम को जेल भिजवा दिया।
टीआई ने नियमों का खुद उल्लंघन किया, जबकि उन्हें फरियादी बनकर टीआई रत्नेश को कंपू थाने पर विधिवत रिपोर्ट करानी थी। और आरोपी को वहीं पर उनके सुपुर्द कर देना था। दूसरा यह भी हो सकता था कि दतिया थाने में शून्य पर रिपोर्ट कायम कराते और डायरी आरोपी समेत कंपू पुलिस को भिजवा देते। कंपू पुलिस विधिवत कार्रवाई कर आरोपी को गिरफ्तार करती। जिस घटनास्थल पर वारदात हुई है, मामले की जांच वही थाना करता है।