नगर निगम ने किया 50 से अधिक संस्कृत के विद्वानों का सम्मान

Jan 17 2021

ग्वालियर। कालीदास संस्कृत अकादमी,मप्र संस्कृति परिषद, जीवाजी विश्वविद्यालय, महाकवि भवभूति शोध एवं शिक्षा समिति द्वारा आयोजित भवभूति समारोह के अंतिम दिवस पर नगर निगम के उपायुक्त डॉ प्रदीप श्रीवास्तव ने देशभर से पधारे 50 से अधिक संस्कृत के विद्वानों का शॉल व श्रीफल ओढ़ाकर नगर निगम की ओर से सम्मान किया।
समारोह में देश के अलग-अलग शहरों के 50 विद्वान उपस्थित रहे। जिनमें से 30 विद्वानों ने अपने शोधपत्रों का वाचन किया। 15 जनवरी को संगीत एवं कला विवि के नाट्य एवं रंगमंच विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. हिमांशु द्विवेदी के संस्कृत नाटक महावीर चरितम का मंचन हुआ। यह जानकारी अधिष्ठाता छात्र कल्याण एवं भवभूति समारोह के सचिव एसके द्विवेदी ने दी। 
जेयू के गालव सभागार में आयोजित भवभूति समारोह में डॉ लक्ष्मी नारायण पांडे भोपाल, डॉ सदानंद त्रिपाठी उज्जैन, डॉ बीपी त्रिपाठी झांसी, डॉ नौनिहाल गौतम सागर, डॉ मधुलिता द्विवेदी कोंच, डॉ कल्पना द्विवेदी मैनपुरी, डॉ बालकृष्ण शर्मा, डॉ नरोाम निर्मल, डॉ राजू राठौर, डॉ आशा सिंह रावत, डॉ ज्योत्सना सिंह, डॉ अशोक विश्नोई, डॉ महेंद्र कुमार शर्मा, डॉ कृष्णकांत पचारिया आदि ने अपने-अपने शोध पत्रों का वाचन किया।
वहीं डॉ रामेश्वर प्रसाद गुप्त डॉटर लक्ष्मी नारायण तिवारी डॉ विष्णु नारायण तिवारी सहित अन्य विद्वानों ने अपनी अपनी रचनाओं की प्रस्तुति दी। इस अवसर पर देश भर से पधारे 50 से अधिक संस्कृत विद्वानों का समान नगर निगम ग्वालियर द्वारा किया गया।