जहरीली शराब से मौतों का मामला, जेएएच पहुंचे अपर मुख्य सचिव

Jan 15 2021

ग्वालियर। मुरैना में जहरीली शराब से 24 लोगों की मौत के मामले में शुक्रवार सुबह जांच दल ग्वालियर पहुंचा। यहां जांच दल के अध्यक्ष अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजोरा ने घायलों से बात कर हाल जाना है। यहां उन्होंने जल्द ही आबकारी एक्ट सख्त बनाने की बात कही है। साथ ही, मामले की रिपोर्ट 18 जनवरी को सीएम शिवराज सिंह को देने की बात कही। जांच में क्या सामने आया है, इसका खुलासा नहीं किया।
मानपुर, छैरा, पहावली सहित आधा दर्जन गांव में बीते 5 दिन में जहरीली शराब पीने से 24 लोगों की मौत हो चुकी है। करीब 20 से अधिक अस्पताल में भर्ती हैं। मामले में प्रदेशभर में हंगामा मचा है। मामले में सीएम शिवराज सिंह चौहान ने पहले ही दिन एक्शन मोड में आते हुए मुरैना कलेक्टर, एसपी की छुट्टी कर दी थी। यही नहीं, जिला आबकारी अधिकारी, एसडीओपी जौरा, मुरैना, बागचीनी थाना प्रभारी समेत पूरे स्टाफ को हटा दिया था। मामले में जांच दल गठित किया था। जांच दल के अध्यक्ष अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजोरा, सदस्य अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक ए. सांई मनोहर, सदस्य उप पुलिस महानिरीक्षक मिथिलेश शुक्ला को बनाया गया था। जांच दल ने गुरुवार को मुरैना के तीनों गांव व बागचीनी थाना पहुंचकर पड़ताल की। शुक्रवार सुबह जांच दल ग्वालियर भी पहुंचा। यहां उन्होंने जेएएच में भर्ती मुरैना के घायलों से बात की।
एक घायल बंटी ने अपर मुख्य सचिव को बताया कि उसने जब शराब पी, तो कुछ नहीं था, लेकिन दो घंटे बाद घबराहट हुई और चक्कर आने लगे। इसके बाद उल्टी हुई और दिखना कम हो गया। वो तो शराब कम पी थी। समय पर अस्पताल पहुंचाने पर जान बच गई। साथ ही, जांच दल ने डॉक्टरों से उनको दिए जा रहे इलाज के बारे में भी चर्चा की है।
डॉ. राजेश राजोरा ने मीडिया को बताया, वह 18 को रिपोर्ट सीएम शिवराज सिंह को देंगे। उन्होंने कहा कि आबकारी एक्ट की धारा 34 व 49 ए में कुछ परिवर्तन हो सकते हैं। इसकी जरूरत भी है। नियमों को और सख्त बनाने की सिफारिश करेंगे। साथ ही, ओवर रेट पर शराब बेचने के मामले में बोले हैं कि बिना बिल के नहीं मिलेगी शराब।