रंगमंच और सिनेमा दोनों एक ही सिकेके दो पहलू है

Jan 08 2021

ग्वालियर। राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय के नाटक एवं रंगमंच संकाय में तीन दिवसीय ऑनलाइन फिल्म व्यायान कार्यशाला का समापन हुआ । व्यायान के तीसरे दिन प्रयात फिल्म समीक्षक एवं वरिष्ठ पत्रकार अजीत राय द्वारा ईरानी, रशियन, जर्मन, पोलैंड, इंग्लैंड, अमेरिका, जापान आदि देशों की सिनेमा की परंपरा और उसके विकास पर विस्तार से प्रकाश डाला।
इसके अलावा भारतीय सिनेमा की स्वर्णिम फिल्में गोल्डन एरा ऑफ इंडियन सिनेमा प्रसिद्ध भारतीय फिल्म निर्देशक उनकी फिल्में एवं समकालीन भारतीय सिनेमा में क्या परिवर्तन बदलाव हो रहे हैं और उसमें कौन-कौन से नवीन प्रयोग हुए हैं इन सभी विषयों पर अजीत राय ने विस्तार से प्रकाश डाला। अंतिम सत्र में उन्होंने भारतीय सिनेमा में महत्वपूर्ण बदलाव, नवीन प्रयोग, निर्देशक, फिल्में और किस तरह से किन किन घटनाओं से भारतीय सिनेमा प्रभावित हुआ है का बड़ी गहराई से जिक्र किया। अंत में छात्र- छात्राओं की जिज्ञासाओं का समाधान भी किया।
इस अवसर पर नाटक एवं रंगमंच संकाय के विभागाध्यक्ष एवं कार्यक्रम संयोजक डॉ हिमांशु द्विवेदी ने कहा कि आज के दौर में रंगमंच और सिनेमा दोनों एक ही सिक्के के दो पहलू हैं । बिना पढ़े समझे और अध्ययन किए अभिनय करने मात्र से आप इस विधा में सफल नहीं हो सकते। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर पंडित साहित्य कुमार नाहर, कुलसचिव डॉ केके शर्मा, वित्त नियंत्रक दिनेश पाठक सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे। छात्र-छात्राओं ने भी बड़ी संख्या में कार्यशाला में भाग लिया।अंत में डॉ हिमांशु द्विवेदी ने आभार प्रदर्शन किया।