गिर्राज पूजन करने से होते हैं कष्ट दूर: शास्त्री

Jan 07 2021

ग्वालियर। बालाजी दरबार पारदी मोहल्ला शिंदे की छावनी चल रही है पंडित घनश्याम शास्त्री महाराज रिठौरा कला वाले ने पंचम दिवस में बताया कि जो गोवर्धन की पूजा करता है उसके सभी कष्ट मिट जाते हैं इस दिन गेहूं, चावल जैसे अनाज, बेसन से बनी कढ़ी और पो वाली सजियों से बने भोजन को पकाया जाता है और भगवान श्रीकृष्ण को अर्पित किया जाता है। पूजा वाले दिन घर के आंगन में गाय के गोबर से गोवर्धन नाथ की प्रतिमा बनाई जाती है। इसके बाद रोली, चावल, खीर, बताशे, जल, दूध, पान, केसर, फूल आदि से दीपक जलाकर उसकी पूजा करें। गोबर से बनाए गए गोवर्धन की परिक्रमा करें। फिर ब्रज के देवता गिरिराज भगवान को प्रसन्न करने के लिए अन्नकूट भोग लगाएं, अन्नकूट में 56 प्रकार के खाद्य पदार्थ शामिल किए जाते हैं। इस दिन प्रदोष काल शाम के समय में विधि-विधान सेश्रीकृष्ण भगवान की पूजा की जाती है।
साथ ही गोवर्धन पूजा के दिन गाय की पूजा कर उसे गुड़ और हरा चारा खिलाना शुभ माना जाता है। गोवर्धन पर्वत उठाने के बाद जब कृष्ण से ब्रजवासियों ने पूछा कि इतना विशाल और भारी गिरिराज पर्वत तुमने कैसे उठा लिया तो कान्हा ने मुस्कुराकर जवाब दिया कछु माखन को बल बढ्यो, कछु गोपन करी सहाय, राधा जी की कृपा से गिरवर लिया उठाया।
इसी कारण द्वापर युग से लेकर आज तक गोवर्धन पूजा की यह परंपरा चलती आ रही हैं इस अवसर पर बालाजी दरबार के महंत नरेंद्र मिश्रा पप्पी महाराज एवं मुख्य अतिथि के रुप में अभय चौधरी पूर्व जिला अध्यक्ष एवं धर्मेन्द्र मिश्रा, संजीव शर्मा मौजूद रहे। आज दो कन्याओं की शादी रुकमणी मंगल के अवसर पर संपन्न होगी। आज 2 बजे राम मंदिर से बारात निकाली जाएगी कथा स्थल पर पहुचेगी।