अत्याचार बढऩे पर प्रभु लेते हैं अवतार: शास्त्री

Jan 06 2021

ग्वालियर। शिंदे की छावनी पारदी मोहल्ला बालाजी दरबार में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के चतुर्थ दिवस में पंडित घनश्याम शास्त्री रिठौरा कला बाले ने बताया कि समाज में अत्याचार ज्यादा बढऩे पर प्रभु भगवान श्री कृष्ण अवतार लेते हैं श्रीकृष्ण का जीवन ही संघर्ष से शुरू हुआ।
लेकिन इसकी सिकन कभी उनके चेहरे पर नहीं दिखी। वह हमेशा मुस्कराते हुए बंशी बजाते रहते थे और दूसरों को भी समस्याओं को ऐसे ही मुस्कराते हुए सुलझाने की सीख देते थे। ऐसे मुरली मनोहर के जन्म की रात 5 अनोखी घटनाएं हुई थीं। आइए इनके बारे में विस्तार से जानते हैं। जब कृष्ण का जन्म हुआ तो जेल के सभी संतरी योगमाया द्वारा गहरी नींद में सो गए। इसके बाद बंदीगृह का दरवाजा अपने आप ही खुल गया। उस वक्त भारी बारिश हो रही थी। वसुदेवजी ने नन्हें कृष्ण को एक टोकरी में रखा और उसी भारी बारिश में टोकरी को लेकर वह जेल से बाहर निकल गए। वसुदेवजी मथुरा से नंदगांव पहुंच गए लेकिन उन्हें इस घटना का ध्यान नहीं था। श्रीकृष्ण के जन्म के समय भारी बारिश हो रही थी। यमुना नदी उफान पर थी। वसुदेवजी कन्हैया को टोकरी में लेकर यमुना नदी में प्रवेश कर गए और तभी चमत्कार हुआ। यमुना के जल ने कन्हैया के चरण छुए और फिर उसका जल दो हिस्सों में बंट गया और इस पार से उस पार रास्ता बन गया। उसी रास्ते से वसुदेवजी गोकुल पहुंच गए। मुख्य अतिथि के रूप में महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती प्रमिला बाजपेई एवं बालाजी दरबार के महंत पप्पी महाराज एवं एफबी किंग संजीव शर्मा सभी भक्त उपस्थित रहे।