कलेक्टर के आश्वासन के बाद सफाई कर्मचारियों की हड़ताल स्थगित

Jan 06 2021

ग्वालियर। पिछले 6 दिनों से जारी सफाई कर्मचारियों की हड़ताल कलेक्टर ग्वालियर के आश्वासन के बाद स्थगित कर दी गई है। वेतन और नियमितीकरण के लिखित आश्वासन पर सफाई कर्मचारी राजी हुए। इससे पहले बुधवार को भी शहर की सड़कों से कचरा नहीं उठा। फूलबाग पर सफाई कर्मचारी एकत्रित होकर धरना प्रदर्शन कर रहे थे।
सीएम द्वारा मामले में नगर आयुक्त पर कार्रवाई के बाद भी सफाई कर्मचारी नहीं मान रहे थे, पर बुधवार दोपहर कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह भी सफाई कर्मचारियों को मनाने फूलबाग धरना स्थल पहुंचे। सफाईकर्मियों ने मांगें पूरी तरह मानने के लिए 10 दिन का अल्टीमेटम दिया है। अगर इस बीच मांगें नहीं मानी गईं, तो प्रदर्शन फिर शुरू कर दिया जाएगा।
नगर निगम में ठेके पर लगे करीब 1500 से अधिक सफाई कर्मचारी समय पर वेतन न मिलने और विभिन्न 9 सूत्रीय मांगों को लेकर साल 2021 के पहले दिन से हड़ताल पर हैं। सफाई कर्मचारियों का तीन महीने तक का वेतन नगर निगम ने नहीं दिया है। इस कारण सफाई कर्मचारी परेशान हैं।
सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के बीच 4 जनवरी को सीएम शिवराज सिंह कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस ले रहे थे। दोपहर ग्वालियर का टर्न आया, तो पहले वह नगर निगम कमिश्नर संदीप माकिन पर बिगड़ पड़े। उनका कहना था कि शहर में सफाई करने वाले ही सड़क पर कचरा फैला रहे हैं। उनको वेतन नहीं मिल रहा। आप नगर निगम कमिश्नर हो, अब यह सहन नहीं होगा। शाम को नगर निगम आयुक्त संदीप माकिन के तबादला आदेश भी आ गए।
जाके पैर न फटी बिवाई
कलेक्टर ने हड़ताली कर्मचारियों को वह कहावत भी सुनाई की जाके पैर ने फटी बिवाई, वो का जाने पीर पराई, यानी जिसने कष्ट या समस्या सहन नहीं की हो वो दूसरे के कष्ट कैसे समझ सकता है। इस कहावत से कलेक्टर ने इशारों ही इशारों में कह दिया की संदीप माकिन या निगम में इसी प्रकार के अधिकारी, उस कर्मचारी की पीड़ा कैसे समझ सकते हैं जो 4-5 हजार रुपए मात्र वेतन से अपने परिवार का भरण-पोषण करता है। उसे समय पर यह वेतन भी नहीं मिल पाता। उल्लेखनीय है कि निगम में आउटसोर्स कर्मचारियों की जिम्मेदारी राज सिक्योरिटी एजेन्सी पर है। वह तय मानदेय से कम पैसा दे रही है। पैसा भी 3-4 माह बाद दिया जाता है। इस घोटाले में निगम अधिकारी भी संलिप्त है।
हर कोना भ्रष्टाचार में डूबा, कितना सुधारेंगे कलेक्टर
नगर निगम के कोने-कोने में भ्रष्टाचार व्याप्त है। उसे सुधारना हर किसी के बस की बात नहीं है। हालांकि कलेक्टर ने कहा कि सीएम ने विशेष रूप से उन्हें जिम्मेदारी दी है कि शहर की सफाई व्यवस्था ऐसी हो जिससे ग्वालियर इस बार टॉप-1 की रैंक हासिल कर सके। कलेक्टर ने भरोसा दिलाया है कि वे इसके लिए अपने पूरे एफर्ट लगा देंगे। उल्लेखनीय है कि वेतन न मिलने पर हड़ताली कर्मचारियों ने सड़कों पर कचरा फैंकना शुरू कर दिया था। मुख्यमंत्री ने इस गंभीरता से लेते हुए निगमायुक्त संदीप माकिन को जमकर फटकार लगाई और पद से हटाकर भोपाल मंत्रालय भेज दिया।
वेतन और नियमित करने का लिखित में लिया आश्वासन
सफाई कर्मचारी अपनी 9 मांगों को लेकर हड़ताल पर है। सभी सफाई कर्मचारियों को नगर निगम में सीधे मर्ज किया जाए जिससे वेतन आसानी से मिल सके। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि दस दिन में हमारी सभी मांगे नहीं मानी गई तो हम फिर से हड़ताल करेंगे। सफाई कर्मचारियों ने कलेक्टर वेतन और नियमित करने की मांग का लिखित में आश्वासन लिया। इसके बाद सफाई कर्मचारियों ने हड़ताल स्थगित कर दी।
जगह-जगह फैला कचरा
बुधवार को भी शहर में जगह-जगह कचरा फैला नजर आया। कलेक्टर ने सुबह से ही सफाई अभियान की समीक्षा की। वह निरीक्षण करने निकले और शहर के तीनों सर्कल में हालात देखे। इसके बाद फूलबाग पर धरना प्रदर्शन कर रहे सफाई कर्मचारियों से मिले। साथ ही, वेतन समय पर मिलने का आश्वासन दिया।