पाइप वाली गैस के कारण 10 प्रतिशत लोगों ने सिलेंडर लेना छोड़ा, पीएनजी ग्राहकों की संख्या बढ़ी

Jan 03 2021

ग्वालियर। सुरक्षा और सुविधा मिलने से पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) के ग्राहकों की संख्या बढ़ रही है। इसका असर एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई पर दिखाई देने लगा है। जनवरी में ऐसे ग्राहकों की संख्या सिर्फ 10 फीसदी है जिन्होंने अभी तक 9 या इससे अधिक एलपीजी सिलेंडर लिए हैं।
करीब 10 फीसदी ऐसे ग्राहक हैं जिन्होंने पीएनजी कनेक्शन के बाद एलपीजी सिलेंडर लेना छोड़ दिया है। उल्लेखनीय है कि एक ग्राहक के लिए एक साल में 12 सब्सिडी वाले एलपीजी सिलेंडरों का कोटा तय है। एलपीजी गैस के लिए नए कनेक्शन पिछले तीन साल से कम हो रहे हैं। जो पहले के कनेक्शन हैं उनकी बुकिंग भी कम हो रही है।
इन क्षेत्रों में कम हुई है मांग
कंपू, डीडीनगर, सिटी सेंटर, गोला का मंदिर, विनय नगर, आनंद नगर, पटेल नगर आदि ऐसे क्षेत्र हैं जहां पर पीएनजी की लाइन डल चुकी है। इसी कारण यहां पर एलपीजी की खपत कम हो रही है। इन क्षेत्रों में एलपीजी के काफी ग्राहक पीएनजी का उपयोग कर रहे हैं।
पीएनजी के लिए प्रतीक्षा सूची
अवंतिका गैस लिमिटेड अब कलेक्टोरेट के पीछे तथा महाराजपुरा क्षेत्र में पीएनजी लाइन डालने की तैयारी में है। कंपनी के मुताबिक वर्तमान में एक हजार से ज्यादा ग्राहकों की प्रतीक्षा सूची है। लश्कर व घनी आबादी वाले क्षेत्रों में अभी पीएनजी की सुविधा नहीं मिलेगी।
झंझट व खर्च दोनों ही कम
एलपीजी की तुलना में पीएनजी में खर्च और सिलेंडर उठाने लगाने जैसा झंझट नहीं है। पीएनजी हवा से हल्की होने के कारण लीकेज होने पर बाहर निकल जाती है जबकि एलपीजी में ऐसा नहीं है। एलपीजी की तुलना में पीएनजी उपयोग करने पर एक ग्राहक का 100 रुपए खर्च कम हो रहा है।
एलपीजी सिलेंडर में 14.2 किलो गैस होती है जबकि पीएनजी स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर (एससीएम) के हिसाब से मिलती है। एक किलो एलपीजी गैस आज के रेट के हिसाब से 50.77 पैसे में मिल रही है। एक किलो एलपीजी के बराबर पीएनजी की 1.30 एससीएम होते हैं, इस पर खर्च 29 रुपए प्रति एससीएम आता है। एलपीजी पर बैट भी देना पड़ता है।