सफाई कर्मचारियों ने दूसरे दिन भी किया प्रदर्शन

Jan 03 2021

ग्वालियर। नगर-निगम द्वारा वेतन न देने पर रविवार को बड़ी संख्या में सफाई कर्मचारियों ने मुरार में विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान सफाई कर्मचारियों ने कहा कि जल्द ही वेतन पर निर्णय नहीं लिया गया तो हम हड़ताल को लेकर और उग्र हो जाएंगे। सुबह के समय मुरार क्षेत्र में सफाई कर्मचारी इकठ्ठे हुए। उन्होंने नगर-निगम के अधिकारियों को कोसते हुए कहा कि हम दिन-रात सड़कों पर रहकर सफाई व्यवस्था का ख्याल रखते हैं। हमारे साथ अधिकारी छल कर रहे हैं।
वेतन देने की बात कहकर हमसे सफाई कराई जा रही है। लेकिन बार-बार वेतन न देने का बहाना बनाकर हमें परेशान किया जा रहा है। बता दें कि वेतन न देने से शनिवार को शहर के कई मुख्य चौराहों पर सफाई कर्मचारियों ने कचरे के ढेर डाल दिए थे। वहीं हड़ताल का आह्वान किया। रविवार को दूसरे दिन भी सफाई कर्मचारियों की हड़ताल जारी है। इधर कई कर्मचारियों ने कहा कि हमारा वेतन नहीं दिया गया तो हम आंदोलन का रुख अपनाएंगे। 
शहर में रविवार को न झाडू लगी है न ही घरों से कचरा लेने डोर टू डोर वाले वाहन आए हैं। सफाई कर्मचारी अपनी 9 मांगों को लेकर हड़ताल पर डटे हुए हैं। रविवार सुबह शहर के मुरार और ग्वालियर सर्कल में सफाई कर्मचारियों ने प्रदर्शन कर हंगामा किया है। सफाई कर्मचारियों को समझाने के लिए नगर निगम के अफसर भी पहुंचे, लेकिन बातचीत से समाधान नहीं निकल पाया है। इस कारण शहर में गंदगी बिखरी दिखाई दी है। इससे शहरवासी भी परेशान हो गए। 
सफाई कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने का असर रविवार को शहर की सफाई व्यवस्था पर पड़ा है। शहर में मुरार और ग्वालियर सर्कल में न तो झाडू लगी है न ही कचरा उठाने सफाई कर्मचारी पहुंचे हैं। इस कारण कचरा सड़कों पर बिखरा पड़ा दिखाई दिया है।
क्षेत्रीय कार्यालय पर किया हंगामा
सफाई कर्मचारी सिर्फ हड़ताल पर ही नहीं है बल्कि उन्होंने मुरार में अल्पना टॉकीज के सामने क्षेत्रीय कार्यालय मुरार के बाहर पहुंचकर हंगामा भी किया। हंगामे की सूचना मिलते ही नगर निगम उपायुक्त सतपाल सिंह चौहान वहां उन्हें समझाने पहुंचे, लेकिन सफाई कर्मचारियों ने अपनी मांगे गिनाते हुए नारेबाजी कर दी। इसके बाद उपायुक्त लौट आए।
यह है सफाई कर्मचारियों की मांग
ठेके पर कार्य करने वाली सभी एजेंसियों व ईको ग्रीन का ठेका समाप्त कर नगर निगम में समायोजित किया जाए। 
डब्ल्यूएचओ और सफाई कर्मचारियों को श्रम विभाग के अनुसार 8 घंटे के काम का वेतन मिले। इससे ज्यादा समय काम करने पर अतिरिक्त भत्ता मिले।
विनियमित कर्मचारियों को शासन की गाइड लाइन के आधार पर चतुर्थ श्रेणी के रिक्त पदों पर नियमित कर भत्ता दिया जाए।
योग्य कर्मचारियों को क्लर्क के काम पर लगाया जाए।