कांग्रेस के यदुनाथ तोमर का आरोप-मप्र में 13 साल में दोगुनी महंगी हो गई बिजली

Dec 24 2020

ग्वालियर। हर साल घाटा बताकर बिजली कंपनियां दाम बढ़ाकर आम आदमी पर बोझ डाल रही हैं,और शिवराज सरकार ने अपनी आँख बंद कर रखी है। प्रदेश की भाजपा सरकार ने एक बार फिर कंपनी की मांग पर दो फीसदी औसत बढ़ोतरी दाम में की है जिससे भाजपा के राज्य में एक बार फिर आम आदमी की कमर टूट गई है। पिछले13 साल में घरेलू बिजली की एक यूनिट 3.29 रुपये प्रति यूनिट से बढ़कर 6.55 रुपये तक पहुंच चुकी है। इसमें सबसे ज्यादा मुश्किल मध्यमवर्गीय परिवारों को हो रही है, आम आदमी महंगी बिजली से परेशान है। यह आरोप कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रदेश महामंत्री यदुनाथ सिंह तोमर ने एक बयान में लगाया है। 
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रदेश महामंत्री यदुनाथ सिंह तोमर ने कहा है कि साल 2020 में कांग्रेस से वापस सत्ता भाजपा के हाथ में आई। इस दौरान बिजली दाम बढ़ाने का प्रस्ताव भी आ गया। सरकार को बचाने के लिए उप चुनाव होने थे लिहाजा दाम बढ़ाने का प्रस्ताव ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। चुनाव नतीजे घोषित होने के बाद विद्युत नियामक आयोग ने दाम बढ़ाने का आदेश जारी कर दिया। ये संयोग अभी नहीं हुआ इससे पहले भी साल 2008 और 2009 में विधानसभा और लोकसभा चुनाव हुए। इस बीच बिजली कंपनी ने औसत इजाफा महज तीन पैसे का किया। इसके बाद 2013 और 2014 में फिर चुनाव आए। बिजली कंपनी ने इस साल दाम में औसत कटौती की। 2012-13 में जहां औसत बिजली की कीमत 4.66 पैसे प्रति यूनिट थी। वह घटकर 2013.14 में 4.35 पैसे प्रति यूनिट हो गई। वहीं 2018 के विधानसभा चुनाव के पहले 5.85 पैसे प्रति यूनिट थी जो 2018-19 के लिए बढ़कर 5.95 रूपए तक पहुंची। करीब 10 पैसे का इजाफा किया। श्री तोमर ने आरोप लगाया कि प्रदेश की भाजपा सरकार ने प्रदेश की भोली -भाली जनता की आँखों में धूल झौककर समय -समय पर इस तरह बिजली की दरें बढ़ाकर प्रदेश की जनता को हर पल बेबकूफ बनाया है।