जिस लाहौर नइ वेया ओ जमया हि नइ

Dec 23 2020

ग्वालियर। युवा प्रतिभा सांस्कृतिक मंच के बैनर तले असगर वजाहत लिखित नाटक जिस लाहौर नइ वेया ओ जमया हि नइ का सफल मंचन हुआ। सफल मंचन के मायने हैं कि अभिनय अच्छा हुआ, नाटक के देश-काल अनुरुप वेशभूषा रंगभूषा, संवाद खनक के साथ दर्शकों तक पहुंचे, नाटक का प्रयोगात्मक सेट खरा उतरा और नाटक में लाइट और पाश्र्व संगीत बेहतर रहे। बस दर्शकों की संया कम रही जो एक स्तरीय नाटक के साक्ष्य बने।
नाटक केन्द्रीय संस्कृति विभाग के सहयोग से खेला गया, जिसमें शहर के जाने माने वरिष्ठ रंगकर्मी अनिल शर्मा ने सिकंदर मिर्जा का रोल बेहतरीन तरीके से निभाया। मिर्जा की हमीदा बेगम बनीं सलोनी शर्मा ने फिर एक बार साबित किया कि वे सहज अभिनय कर लेती हैं। हिन्दू बुढयि़ा रतन की मां का रोल नीलम दोहरे ने संवाद अदायगी के सही लहजे और भाव के साथ निभाने में सफलता पाई। लगा ही नहीं यह उनका दूसरा ही नाटक है। पहलवान के रोल में अतुल शर्मा, आलिम बने अंगद पाल, तानों की भूमिका में जाग्रति शर्मा, अनवर के रोल में ब्रजेश दोहरे, जावेद बने ईशान और शायर नासिर के चरित्र को संदीप नागर ने निभाया। मौलवी के संजीदगी भरे संवाद बोलकर राघवेन्द्र सिंह ने अलग छाप छोड़ी। नाटक के प्रकाश संचालन और संगीत निर्देशन की जिमेदारी सहजता से संभाली नवील सिंह राठौर गैरी ने तो नाटक के निर्देशक के रूप में संदीप नागर का नाम रहा। अनिल शर्मा और उनकी पूरी टीम को सफल मंचन की बधाई।