बढ़े मरीज, अस्पतालों में लगी लंबी-लंबी कतार

Dec 18 2020

ग्वालियर। ऋतु परिवर्तन भले ही आनंदित करता है, लेकिन स्वास्थ्य की दृष्टि से यह बदलाव बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। इस दौरान दवा से ज्यादा सावधानी जरूरी है। कई रोग तो ऐसे हैं, जिनमें जरा सी असावधानी जानलेवा साबित हो सकती है। विशेषकर बुजुर्ग, बच्चे, हृदय व श्वास रोगियों के लिए सर्दी में उत्पन्न होने वाले हालात काफी परेशानी दे सकते हैं।
उल्लेखनीय है कि सर्दी के साथ ही सुबह, दोपहर फिर रात के तापमान में काफी अंतर रहता है, जिस गति से तापमान में उतार-चढ़ाव होता है उसके अनुसार व्यक्ति का शरीर ऊर्जा हासिल नहीं कर पाता। यह स्थिति खतरनाक होती है। इस तरह के हालात से बचने के लिए जरूरी है कि खुद को मौसम के अनुसार ढालें और उसी तरह की तैयारी रखें।
ठंडी हवा कुछ रोगों को और अधिक गंभीर बना सकती हैं, जैसे श्वास लेने में तकलीफ होना, दमा के मरीजों को अपने साथ हमेशा दवाई रखनी चाहिए जिन लोगों को गठिया है उन्हें सर्दी में अधिक परेशानी होती है ऐसे में सर्दियों से बचाव और थोड़ा व्यायाम कारगर साबित होगा।
बच्चों और बुजुर्गों को चाहिए खास देखभाल
बच्चों की ऐसे मौसम में खास देखभाल जरूरी है, क्योंकि उनकी प्रतिरोधक क्षमता कम होती है, वह अपनी परेशानी भी बयां नहीं कर सकते हैं, इसलिए जरूरी है कि शिशु के सिर व पैर हमेशा ढंक कर रखें, बच्चों में ज्यादा दिन तक रहने वाली सर्दी, जुकाम, निमोनिया भी हो सकता है 15 साल तक के बच्चों की ठंड के कारण पसलियां चलने लगती हैं, जो ठीक नहीं होता, उन्हें सर्दी से बचाएं। हार्ट पेशेंट के लिए बेहद घातक सर्दी में सबसे जयादा डर ब्लड प्रेशर के मरीजों को रहता है । ब्लड प्रेशर बढऩे का एक सबसे बड़ा कारण होता है, खून की नसों का सिकुड़ जाना, जिससे हृदय पर दबाव पड़ता है।
हो सकता है निमोनिया
ठंड के मौसम में आमतौर पर सर्दी जुकाम जैसी समस्या होती है, लेकिन इस मौसम में निमोनिया जैसी बीमारियां भी हो सकती हैं, सर्दियों में स्वस्थ रहना है तो अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करें और अपना खान-पान ठीक रखें, पूरी नींद और थोड़ा व्यायाम भी करें।
सर्दियों के मौसम में लोगों को खांसी की समस्या रहती है, ऐसे में कोल्ड ड्रिंक, आइसक्रीम या अन्य शीतल पदार्थों के सेवन से परेशानी बढ़ सकती है। अगर आपको सांस की समस्या है तो धूल, मिट्टी से बचें और ठंड में बाहर जाते समय सिर, गले और छाती को पूरी तरह ढंक कर रखें गले की खराश दूर करने के लिए गुनगुना पानी नमक डालकर लें।
डॉक्टर की राय
बच्चों के लिए सर्दी का मौसम बेहद खतरनाक होता है, क्योंकि बच्चों में रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है, ऐसे में जरूरी है कि उन्हें पूरे सीजन मोटे गर्म कपड़ों से ढंककर रखें। वहीं सुबह-शाम बाहर ना निकालें, सर्दी में लंबे सफर पर न जाएं , छोटे बच्चों में इन दिनों निमोनिया बेहद जल्दी बनता है इसकी पहचान है कि बच्चों की पसलियां चलने लगती हैं। उस वक्त एक पल भी बिना गंवाए तुरंत डॉक्टर से परामर्श लें।