शहर के लिये महत्वपूर्ण परियोजनाओं को मिली हरी झंडी

Dec 11 2020

ग्वालियर। ग्वालियर स्मार्ट सिटी डेवलपमेंट द्वारा शहर विकास के लिए महत्वपूर्ण परियोजनाओं को लेकर स्मार्ट सिटी के कंट्रोल सेंटर में हुई बोर्ड मीटिंग में स्वीकृति प्रदान की गई। बोर्ड में लगभग 242 करोड़ लागत की स्मार्ट रोड परियोजना पर चर्चा हुई। बैठक में जानकारी दी गई कि ग्वालियर स्मार्ट सिटी द्वारा शहर में 15.62 किमी की स्मार्ट रोड बनाया जाना प्रस्तावित है। इस परियोजना को क्रियान्वित करने के लिये सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण कर ली गई हैं और जल्द ही यह परियोजना अपना मूल आकार लेने लगेगी। 
बैठक में कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह, निगमायुक्त संदीप माकिन, सीईओ स्मार्ट सिटी श्रीमती जयति सिंह, निदेशक प्रशान्त मेहता सहित अन्य सम्बंधित अधिकारी उपस्थित रहे। साथ ही ऑनलाइन माध्यम से डीजीएम? अर्बन प्लानिंग श्रीमती पारोमीता रॉय, केंद्र शासन के नॉमिनी अशोक कुमार बवाल आदि अन्य निदेशक भी इस बैठक में सम्मिलित हुए। बैठक में अनेक विकासशील परियोजनाओ पर विस्तृत चर्चा  की गई जो ग्वालियर स्मार्ट सिटी द्वारा किये जा रहे हैंए वहीं बोर्ड मीटिंग में उन परियोजनाओं को भी बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत किया गया जो शहर के मूलभूत विकास के लिये जरुरी है। 
ग़ौरतलब है कि स्मार्ट रोड परियोजना से शहर में विकास को लेकर नया आयाम स्थापित होंगे। इस परियोजना के तहत रोड के दोनों तरफ़ भूमिगत विद्युतीकरणए फ़ुटपाथ तथा निर्धारित अग्निशमन हायड्रंट नेट्वर्क जैसे कई अत्याधुनिक प्रावधान के साथ सौंदर्यिकरण का प्रावधान भी रहेगा। इस परियोजना के अंतर्गत राजपथ मार्ग का व्यवस्थित विकास तथा महाराज बाड़ा पर पेडेस्ट्रीयनाईजेशन तथा मल्टीलेवल पार्किंग स्थल का विकास भी समाहित है। 
स्मार्ट सिटी सीईओ श्रीमती जयति सिंह ने बोर्ड की बैठक में जानकारी दी कि शहर के विकास के लिये लगभग 20 करोड़ रु लागत की  ईएसएल एलईडी लाइटिंग परियोजना के तहत शहर की वर्तमान स्ट्रीट लाइट को स्मार्ट एलईडी के द्वारा परिवर्तित किया जाएगा। यह स्मार्ट स्ट्रीट एलईडी उन्नत तकनीक द्वारा विकसित की गई हैं और ऊर्जा बचत में कारगर सिद्ध होंगी। इसकी मॉनीटरिंग स्मार्ट सिटी के कंट्रोल कमांड सेंन्टर के माध्यम से होगी। इस परियोजना से कई तरह के लाभ होगें। जिसमें अभी निगम द्वारा एक से एक करोड रुपए महीने का भुगतान एमपीईबी को किया जाता है तथा मेंटेनेंस पर 4 करोड़ का व्यय किया जाता हैए लेकिन इन स्मार्ट एलईडी को लगने के बाद बिजली खपत कम होगी। बिजली के बिलों में 40 प्रतिशत तक की कमी आएगी। साथ ही इन एलईडी लाइटों के रख रखाव और संचालन को भी केन्द्रीय पद्वति से संचालित किया जा सकेगा। इन लाइटों की लाइफ़ लगभग 7 से 8 वर्ष की रहती है जो वर्तमान में लगी लाइटों से ज़्यादा है। सुनियोजित दूरी पर लगने के कारण दो पोल के बीच आने वाले अंधेरे की समस्या भी दूर होगी। 
स्मार्ट सिटी सीईओ श्रीमती जयति सिंह द्वारा स्मार्ट रोड स्मार्ट एलईडी लाइटिंगए आधुनिक जंक्शन प्रणाली तथा कटोरताल फाउंटेन सम्बंधित प्रस्ताव बोर्ड के समक्ष रखे गये। जिसे सर्वसम्मति से बोर्ड ने सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान की है। श्रीमती सिंह ने बोर्ड के समक्ष प्रेजेंटेशन के माध्यम से इन परियोजनाओं को विस्तार से समझाया। 
बैठक में बताया गया कि स्मार्ट सिटी के तहत शहर के 15 ट्रैफिक जंक्शन को भी उन्नत करने के लिये चिन्हित किया गया है जिनका पुनर्विकास किया जाएगा। इन सभी जंक्शनों पर यातायात व्यवधान जैसी कई सम्स्याओ को सुधारकर सुगम संचालन करना है। इन जंक्शन के उन्नतिकरण और पुर्नविकास के तहत डिवाइडरए रोटरी इत्यादि को व्यवस्थित कर सौंदर्यिकरण करना शामिल है। 
बैठक में कटोराताल पर आधुनिक तकनीक से संचालित डान्सिंग फाउंटन को लेकर भी विस्तृत चर्चा की गई। संचालक मंडल द्वारा इसकी स्वीकृति प्रदान कर इसे अतिशीघ्र पूर्ण कराये जाने के निर्देश दिये गये। 
अंत में संचालक मंडल द्वारा कोविड 19 में ग्वालियर स्मार्ट सिटी द्वारा किये जा रहे कार्यों की प्रशंसा की गई और अन्य विभागो की परियोजना के साथ तालमेल मिलाकर शहर के विकास को गति देने को निर्देशित किया गया।