जहां पुण्य होते हैं, वहां संत खिंचे चले आते हैं-मुनिश्री

Dec 07 2020

ग्वालियर। जहां पुण्य होते हैं, वहां संत खिंचे चले आते हैं। भक्त जब संत से जुड़ता है तो वह उसका मार्गदर्शन करता है। इससे भक्त अपने हर काम को सफलतापूर्वक पूरा कर लेता है। भगवान की चाह भक्त को गुरु के पास लेकर आती है। यह विचार राष्ट्रसंत मुनिश्री विहर्ष सागर महाराज ने सोमवार को जैन समाज के प्रवक्ता सचिन जैन के निवास पर कही।
मुनिश्री ने कहा कि उस व्यक्ति की जीवन-यात्रा सफल होती है जिस पर मां व गुरु का आशीष होता है। मां बेटे को चलना सिखाती है तो गुरु उसके जीवन को गति देते हैं। संत अपने शिष्य को मंजिल तक पहुंचाने का रास्ता बताते हैं। जिसके जीवन का प्रारंभ मां की गोद में तथा अंत गुरु के चरणों में होता है वह जीवन में अमर हो जाता है।
मुनिश्री प्रवक्ता के निवास पर पधारे, गाए भजन उतारी आरती
सोमबार की सुबह राष्ट्रसंत मुनिश्री विहर्ष सागर महाराज ससंघ जैन समाज के प्रवक्ता सचिन जैन आदर्श कलम के निवास वृज विहार कालोनी पहुँचे। मुनिश्री विहर्ष सागर महाराज के चरणों मे अर्घ्य समर्पित किया। मुनिश्री के शुद्धजल से पाद प्रक्षालन कर गुरुवर आज मेरी कुटिया में आए है...गुरुवर की कृपय जिस पर हो जाये मौज उड़ाए..मेरे सिर पर रखा दो गुरुवर अपने हाथ...भजनों के साथ नृत्य करते हुए भव्य दीपो से आरती उतारी। इस मौके पर ब्रह्मचारिणी प्रियक दीदी, मीना जैन, सचिन जैन प्रवक्ता, मनोज जैन, सीमा जैन, मधु जैन, आयुषी  जैन, आदि मौजूद थे।