डॉ. भीमराव अंबेडकर - एक बहुआयामी व्यक्तित्व ओजस्विनी विचार मंच पर मासिक ई- परिचर्चा

Dec 07 2020

ग्वालियर। बाबा साहब की पुण्यतिथि के अवसर पर उपरोक्त विषय पर ओजस्विनी विचार मंच के अंतर्गत परिचर्चा आयोजित की गई, जिसमें 41 बहनों ने भाग लिया। वक्ताओं ने कहा कि भारत की पुण्य भूमि पर अनेक महापुरुषों ने जन्म लिया है, और अपनी बहुमुखी प्रतिभा से भारत का नाम विश्व पटल पर रोशन किया है। ऐसी ही एक विभूति हैं संविधान निर्माता बाबा साहब अंबेडकर जिनका यश सम्पूर्ण जगत में व्याप्त है। वह एक अच्छे वकील, लेखक और अर्थशास्त्री थे। समाज के शोषित और वंचित वर्ग के लिए उनका योगदान अतुलनीय है। वह उच्च कोटि के शिक्षाविद् एवं भविष्य दृष्टा थे, जिनके चिंतन ने समाज को दिशा प्रदान की। परंतु विडंबना यह है कि उनकी सर्वस्पर्शी छवि को केवल दलित नेता के रूप में स्थापित किया गया। राष्ट्र सर्वोपरि इस भाव को धारण करने वाले बाबा साहब ने प्रतिकूल परिस्थितियों में भी हिंसा का सहारा नहीं लिया, यह अनुकरणीय है। घर-परिवार से लेकर समाज और राष्ट्र तक विचार करने में वह कभी पीछे नहीं रहे। ऐसे राष्ट्रभक्त  युगदृष्टा को शत् शत् नमन।
 कार्यक्रम में मुख्य वक्ता उद्बोधन डॉ कुमार संजीव ने दिया। अन्य वक्ताओं में डॉ वंदना कुशवाह और डॉ ज्योति दिवाकर का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। संचालन डॉ. श्रद्धा सोम सिंह, गीत- कु. संजीवनी आफले ने गाया। अन्य प्रतिभागियों में श्रीमती अमिता गुप्ता ,तुलसी गुप्ता, अभिलाषा गुप्ता, मानसी सोलापुरकर, मंदाकिनी शर्मा आदि उपस्थित थे। संयोजिका डॉ कल्पना शर्मा द्वारा आभार व्यक्त किया गया।