मौसम में लगातार उतार-चढ़ाव से बुखार-खांसी के बढ़े मरीज

Dec 05 2020

ग्वालियर। बीते एक सप्ताह से शहर में मौसम में लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव का असर लोगों की सेहत पर भारीपड़ता दिख रहा है। पल-पल बदल रहे इस मौसम में तेज बुखार, मांसपेशियों में दर्द-खिंचाव के साथ ही सीने में जकडऩ और खांसी से लोगों का बुरा हाल हो रहा है। इन बीमारियों की चपेट में आए लोगों से जेएएच व मुरार जिला अस्पताल की ओपीडी ही नहीं बल्कि फीवर क्लीनिक मरीजों से ओवरलोड हैं। सात दिन पहले जहां माधव डिस्पेंसरी की ओपीडी में लगभग तीन सैकड़ा मरीज इन रोगों से परेशान होकर इलाज के लिए पहुंचते थे वहीं इन दिनों मरीजों की संख्या दोगुनी हो चुकी है।
जेएएच के मेडिसिन विभाग में पदस्थ प्रोफेसर डॉ. अजय पाल ने बताया कि मरीज नाक बंद होने, नाक बहने, छाती में जकडऩ, बुखार, मांसपेशियों व आंख-सिर में दर्द की परेशानी लेकर इलाज कराने ओपीडी में पहुंच रहे हंै। वहीं मुरार जिला अस्पताल की ओपीडी के बारे में सिविल सर्जन डॉ एसके शर्मा ने बताया कि अन्य रोग की परेशानी के मरीज कम हुए हैं, लेकिन वायरल फीवर के मरीज बढ़े हैं। वायरल के मरीजों में कमजोरी, नींद न आने और शरीर में दर्द होने की परेशानी है। तापमान में उतार-चढ़ाव के कारण भी बुखार आ रहा है। 
गुनगुना पानी पीएं और लें भाप
डॉ. पाल ने बताया कि बुखार-खांसी और निमोनिया से बचने के लिए रोजाना गुनगुना पानी पीएं और नियमित भाप जरूर लें। वहीं ऐसे मरीज पांच दिन तक घर में क्वारेंटाइन रहें और परिजनों से भी वार्तालाप करते समय मास्क लगाना नहीं भूलें। इस प्रकार का वायरल पांच दिन नियमित दवाएं लेने से पूरी तरह से ठीक हो जाता है। 
इन बातों का रखें ख्याल
बच्चों को सुबह-शाम बाहर जाने से बचाएं। बुजुर्ग घर पर ही योग और वार्मअप कर सकते हैं। धूप निकलने पर ही टहलने जाएं व कान मफलर से ढककर रखें। हरी सब्जी के साथ ड्राई फ्रूट्स भी ले सकते हैं। हर्बल चाय और सूप पीएं। रात को गुड़ के साथ दूध पीएं।