रात के बाद अब दिन का पारा भी बढ़ा, चुभ रही धूप

Dec 02 2020

ग्वालियर। दिसंबर के नाम से ही लोगों में सिहरन महसूस होने लगती है, लेकिन इस बार मौसम के इरादे फिलहाल बदले हुए हैं। नवंबर में ठिठुरन के बाद घबराए शहरवासियों को दिसंबर के आगाज के साथ ही सर्दी ने बजाए कंपाने के राहत दी है, दो दिन से सुबह से खिल रही धूप दोपहर से पहले ही इतनी कड़क हो जाती है कि इससे चुभन महसूस होने लगती है। बुधवार सुबह भी भले ही कुहासा रहा हो, लेकिन आठ बजे सूरज की किरणों ने न सिर्फ पैर पसार दिए, बल्कि धूप के तेवर लगातार तीखे होते गए और ग्यारह बजे ही धूप राहत की जगह आफत सी दिखने लगी। फिर भी मौसम दोहरा रुख अपना रहा है, बाहर भले ही पारा अपना असर दिखा रहा हो, लेकिन भीतर सर्दी का अहसास बरकरार है, यह अलग बात है कि ठिठुरन जैसी स्थिति से निजात है, जिससे जनजीवन भी सामान्य है। ठंड दिक्कत नहीं दे रही, तब सुबह से लोग अपने जरूरी काम निपटाने बाहर निकल आए। ज्यादा गर्म कपड़े पहनने की भी जरूरत नहीं पड़ी।
मौसम विभाग का कहना है कि शहर में नमी की मात्रा लगातार बढ़ती जा रही है, जिससे सर्द हवा अपने पैर जमाने में कामयाब नहीं हो पा रही। बुधवार को नमी 93 प्रतिशत पर पहुंच गई, जो कि सामान्य से 26 प्रतिशत अधिक थी। यही नहीं इसके कारण दोपहर और रात के पारे में भी उछाल आया है. जहां चार दिन पहले न्यूनतम पारा साढ़े सात डिग्री तक गिर गया था और सामान्य से तीन डिग्री कम होने से ठंडक बढऩे लगी थी, वहीं अब यह सामान्य से एक डिग्री ऊपर निकल गया। उधर कल दोपहर को अधिकतम पारा 27 डिग्री सेल्सियस रहा, यह भी सामान्य से 1.2 डिग्री सेल्सियस अधिक था। ऐसे में बीते दो दिन से दोपहर को तो यह अहसास ही नहीं हो रहा कि यह दिसंबर माह है। जबकि माना यह जाता है कि दिसंबर और जनवरी ठंड के लिहाज से बेहद ठंडे होते हैं। 
मौसम विशेषज्ञ सीके उपाध्याय का कहना है कि भले ही अभी नमी अपनी अकड़ में हो, लेकिन 48 घंटे में इसके तेवर ठंडे पड़ जाएंगे, इसके बाद पारा सामान्य से कम ही नहीं, बल्कि बेहद नीचे चला जाएगा, यह हद दो से तीन डिग्री सेल्सियस तक हो सकती ही है। वहीं इनका यह भी कहना है कि इस बार मानसून का रुख रूखा रहा है, ऐसे में ठंड का असर ज्यादा और लंबा चल सकता है। यानि आने वाले दिनों में चिल्ला जाड़ा कंपाकर और ठिठुराकर रख देगा।