सुबह से खिली धूप, राहत में जनजीवन

Dec 01 2020

ग्वालियर। 4 दिन लगातार शीतलहर में जकड़े शहरवासियों को मंगलवार सुबह से खिली धूप ने जमकर राहत दी। जनजीवन पूरी तरह सामान्य दिखाई दिया। इसके पीछे कारण यह है कि बर्फीली हवाओं की गति लगभग थम गई है, यही नहीं इसके असर से लगातार गिर रहा न्यूनतम पारा एक बार फिर 24 घंटे के भीतर डेढ़ डिग्री बढ़ गया। रही सही कसर नमी में हुई बढ़ोतरी ने पूरी कर दी, जिससे कोहरा और ओस भी ज्यादा प्रभावी नहीं हो सके। इसके पीछे मौसम विभाग का कहना यह है कि राजस्थान और उत्तर-पूर्व में पश्चिमी विक्षोभ का असर बढ़ गया है, जिससे हवा शहर में प्रवेश नहीं कर पा रही, वहीं बंगाल की खाड़ी से नमी ने अपने असर में 23 प्रतिशत की वृद्धि कर ली। इस तरह के हालात फिलहाल 48 घंटे तक तो राहत देते रहेंगे।
उधर मौसम के जानकारों का कहना है कि बीते चार साल में पहली बार है, जबकि एक दिसंबर का पारा सामान्य के आसपास है और बजाए ठिठुरन के धूप ने अपना असर बना रखा है। जबकि नवंबर में ही सर्दी ने ऐसा रूप दिखाया था कि दिन में ही आग जलाकर तापने के हालात उत्पन्न हो गए थे, तब लगा यही था कि अब हालात और बदतर होंगे और दिसंबर तक हाड़कंपाऊ ठंड प्रभावी होकर जनजीवन ठप कर देगी। 
रात से ही दिखने लगा था असर
मौसम में तब्दीली का असर सोमवार रात से ही दिखाई देने लगा है। सर्द हवा थम गई थी, वहीं कोहरा व ओस भी अपना प्रभाव नहीं दिखा सके थे, ऐसे में दृश्यता भी सामान्य बनी रही और शहर के बाहरी क्षेत्रों में वाहनों का आवागमन भी निरंतर जारी रहा, वरना बीते एक सप्ताह से बिजीविलिटी घटने से वाहन या तो रेंग-रेंगकर आगे बढ़ते थे या फिर इनके चालकों को इन्हें सड़क किनारे खड़ा कर मौसम साफ होने का इंतजार करना पड़ता था। इधर सुबह भले ही लोग सर्दी के भय से देर से बिस्तर से बाहर निकले, लेकिन धूप देखकर उन्हे दम मिल गई, वहीं सड़कों और बाजारों की गहमा- गहमी भी सुबह से बनी रही। धूप में सुबह 11 बजे इतनी तेजी थी कि इसके सामने ज्यादा देर टिकना मुश्किल लग रहा था, वहीं जो लोग सर्दी से बचने के लिए गर्म कपड़े पहनकर निकले थे उन्हें दोपहर से पहले ही उन्हें उतारकर हाथ में लेना पड़ा।