संविधान की मूल प्रति देखने पहुंचे शहरवासी

Nov 26 2020

ग्वालियर। संविधान दिवस के उपलक्ष्य में गुरूवार को सेंट्रल लाइब्रेरी में संविधान की मूल प्रति को प्रदर्शित किया गया है। इसे देखने के लिए सुबह के समय बड़ी संया में शहरवासी पहुंचे। इनमें सबसे ज्यादा संख्या स्कूल और कॉलेज के छात्र-छात्राओं की देखने को मिल रही है। बता दें कि भारत का संविधान 26 जनवरी 1950 से प्रभावी हुआ था।
26 जनवरी का दिन भारत में गणतन्त्र दिवस के रूप में मनाया जाता है, इसी संविधान की मूल प्रति महाराज बाड़ा की सेंट्रल लाइब्रेरी में रखी हुई है। खास बात यह है कि इस संविधान पर भारत के पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेन्द्र प्रसाद और प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के हस्ताक्षर हैं। 65 साल पहले इस मूल प्रति को 120 रुपए में खरीदा गया था।
सुनहरे पन्नों वाली संविधान की इस प्रति में 255 आर्टिकल्स को लिथोग्राफी में उतारा गया है। लाइब्रेरी के एक कर्मचारी ने बताया कि 31 मार्च 1956 को लाइब्रेरी के सचिव चंद्रप्रकाश अवस्थी के कार्यकाल में संविधान की इस मूल प्रति को खरीदा गया था। तब से लेकर अब तक इसे सहेज कर रखा गया है।
अंबेडकर, नेहरू के हैं हस्ताक्षर
इस मूल प्रति पर संविधान सभा के सभी सदस्यों के हस्ताक्षर अंकित हैं। इनमें संविधान प्रारूप समिति के अध्यक्ष डॉ. भीमराव अंबेडकर, संविधान निर्माण समिति के अस्थायी अध्यक्ष डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा के साथ ही संचालन समिति के डॉ. राजेंद्र प्रसाद, संघ संविधान समिति के पं. जवाहरलाल नेहरू, प्रांतीय संविधान समिति सरदार वल्लभ भाई पटेल, विजयलक्ष्मी पंडित, कन्हैया लाल मुंशी, सी राजगोपालाचारी, सरोजनी नायडू, आदि के नाम शामिल हैं।