भगवान विष्णु के जागते ही शुरू हुई शादियां

Nov 25 2020

ग्वालियर। चार माह की निद्रा के बाद कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की एकादशी यानि बुधवार से भगवान विष्णु के जागते ही शुभ कार्यों की शुरूआत हो जाती है। इसी दिन से शादियों के ढोल भी गंूजने लगते हैं। जिसकी तैयारियां करने लोग बाजार पहुंच रहे हैं। हर तरफ खुशी और उल्लास देखा जा रहा है।
देवउठनी एकादशी को गन्ना ग्यारस भी कहते हैं। जिसमें गन्ने का मंडप बनाकर भगवान विष्णु का पूजन किया जाता है। इसके साथ ही तुलसी विवाह किया जाता है। पूजन में विशेष से भगवान के उठने का आह्वान किया जाता है। ग्वालियर में देवउठनी एकादशी को लेकर मंदिरों में विशेष रूप से तैयारियां की गई हैं। श्रीकृष्ण मंदिरों में विशेष रूप से भगवान श्रीकृष्ण और रुमिणी का विवाह रचाया जाता है। कई घरों में लोग भगवान का विवाह धूमधाम से करते हैं। इस बार जिले में कोरोना संक्रमण का कहर है। ऐसे में घर से लेकर बाहर होने वाले आयोजनों के लिए सावधानी रखनी होगी। लोगों को शारीरिक दूरी के साथ मास्क भी लगाकर बाहर निकलना होगा।