अधिकांश महिलाएं छठ मैया की पूजा घर पर ही करेंगी, खरना में खाई खीर, फिर रखा व्रत

Nov 20 2020

ग्वालियर। फल-फूल, गन्ना, मौसमी सब्जियों को सूप में रखकर, हाथों में सूप लेकर पानी में खड़े होकर छठ मैया की आराधना का पर्व छठ शुरु हो चुका है। पहले दिन नहाए-खाए के बाद आज दूसरे दिन खरना में महिलाओं ने पूरे दिन निर्जल व्रत रखा। और शाम को खीर-पूड़ी के साथ व्रत खोलकर छठ मैया की आराधना कर परिवार की सुख समृद्धि की कामना की। छठ पूजा में साफ-सफाई का विशेष महत्व मना गया है। कुछ घरों में तो जो महिलाएं व्रत रखती हैं वो धुली हुई साफ दरी व चादर पर ही सोती हैं। व्रतधारी महिलाएं घर धोकर साफ किए गए कमरे में रहती हैं और वहीं खरना का प्रसाद भी बनाती हैं।
डीडी नगर निवासी मीना देवी मिश्रा ने बताया कि वो पिछले कई सालों से छठ का व्रत रख रही हैं। उनके साथ उनका पूरा परिवार इस व्रत की तैयारियां करता है। क्योंकि शुद्धता का बहुत ध्यान रखना पड़ता है इसलिए शुक्रवार शाम को ईंट का चूल्हा बनाकर उस पर गुड़, दूध की खीर और रोटी बनाई गई और सूर्यास्त के समय यही खीर-रोटी खाकर व्रत खोला।
हक्सर कॉलोनी मुरार में रहने वाली दीप्ति श्रीवास्तव ने बताया कि शाम को खरना का प्रसाद लेने के बाद छठ पूजा के तीसरे दिन पूरा दिन निर्जला व्रत रखेंगे। और शाम को पानी में खड़े होकर डूबते सूर्य को अघ्र्य देंगे। इस बार कोरोना के कारण घर पर ही पानी में खड़े होने की व्यवस्था करने का विचार है। कूलर की टंकी या फिर किसी बड़े से नए टब में खड़े होकर पूजा कर लेंगे। 
वहीं मुक्ता सिंह बताती हैं कि पूजा का महत्व वैसे तो घाट पर ही है लेकिन इस बार कोरोना के कारण कोशिश करेंगे कि घर पर ही पूजा करें। क्योंकि कटोराताल पर अधिक भीड़ होने के कारण कोरोना संक्रमण का खतरा बना रहेगा। जिससे इस बार घर पर ही रहकर व्रत खोलेंगे।