धूमेश्वर मंदिर की छतरी से टपक रहा है चूना और मलबा

Nov 14 2020

भितरवार ( उपेन्द्र पंडा )। क्षेत्र के लोगों की आस्था का केन्द्र प्राचीन धूमेश्वर महादेव मंदिर के गर्भगृह की छतरी इन दिनों जीर्ण - शीर्ण हालत में दिखाई दे रही है छतरी से मलबा चूना टपकने का क्रम जारी है जिससे गर्भगृह की छतरी की ईंटें दिखाई देने लगी हैं वहीं ऐसी स्थिति से कई बार अवगत कराने के बाद भी पुरातत्व विभाग इस ओर कतई ध्यान नहीं दे रहा है नगर से 15 कि मी दूर सिंध नदी के तट पर स्थित प्राचीन धूमेश्वर महादेव मंदिर से जुड़ी किवंदतियों के कारण लोगों में मंदिर के प्रति खासी आस्था है क्षेत्र एवं प्रदेश के लोगों की आस्था का केन्द्र धूमेश्व महादेव मंदिर के गर्भगृह की छतरी देखरेख के अभाव में क्षतिग्रस्त हो रही है कई दिनों से मंदिर के अंदर बाहर चूना टपक रहा है जिस कारण छतरी की ईंटें स्पष्ट रूप से नजर आने लगी हैं मंदिर के महंत अनिरुद्धवन महाराज एवं भक्तगणों ने पुरातत्व विभाग अवगत कराया लेकिन अभी तक इस ओर ध्यान नहीं दिया गया।                                                                                    
दर्शन करने पहुँचे जनप्रतिनिधि अधिकारियों ने भी नहीं दिया ध्यान 

प्राचीन धूमेश्वर मंदिर पर भगवान भोले नाथ के दर्शनों के लिए आये दिन चुने हुए जिम्मेदार जनप्रतिनिधि एवं प्रशासनिक अधिकारी पहुँचते हैं लेकिन उनके द्वारा भी जीर्ण शीर्ण हालत में पहुँचीं गर्भगृह की छतरी की ओर ध्यान नहीं दिया गया बताते हैं कि यहाँ आने वाले नेताओं और अधिकारियों से मंदिर से जुड़े लोगों ने मौखिक रूप अवगत कराते हुए छतरी की मरम्मत करने की बात कही जा चुकी है।                                                                                                                             

ऐतिहासिक मंदिर का निर्माण 1605 में हुआ था                                                                                        
जानकर बताते हैं कि यह मंदिर ओरछा नरेश बीरसिंह जूदेव ने सन 1605 में रातों रात मंदिर का निर्माण कराया था उसके बाद सन 1936 -37 में ग्वालियर नरेश जीवाजीराव सिंधिया के शासनकाल में मंदिर का जीर्णोद्धार हुआ था।
गर्भगृह में विराजमान है भोलेनाथ                                                                                                        
जिस गर्भग्रह की छतरी जीर्ण शीर्ण हालत में पहुँच रही है उस गर्भगृह में भगवान भोलेनाथ का शिवलिंग बिराजमान है जिनके दर्शन के लिए दूर दूर से भक्तगण आते है और अभिषेक कर पूजा अर्चना करते हैं महाशिवरात्रि और श्रावण के महीने में तो लाखों की संख्या में श्रद्धालु यहाँ पहुँचते हैं।
वर्षों से नहीं हुआ मरम्मत कार्य                                                                                                            
मंदिर के महंत बताते है कि प्राचीन गर्भगृह की छतरी पुरातत्व विभाग के अधीन आती है पिछले कई वर्षों से पुरातत्व विभाग ने मंदिर में मरम्मत कार्य नहीं कराया जिससे आज ऐसी स्थिति निर्मित हुई है।
इनका कहना हैं 
गृभगृह की छतरी का चूना मलबा टपकने से जर्जर हालत में पहुँच रही है इंटे दिखाई देने लगी हैं ऐसी हालत को देखते हुए कई बार विभाग के अधिकारियों को अवगत कराया गया लेकिन फिर भी मरम्मत कार्य नहीं हुआ।
अनिरुद्धवन महाराज महंत धूमेश्वर धाम                                                                                                 
हमारे क्षेत्र के लोगों की आस्था का केन्द्र धूमेश्वर महादेव मंदिर की छतरी का मरम्मत कार्य पुरातत्व विभाग को शीघ्र कराना चाहिए विभाग की लापरवाही के कारण आज यह स्थिति निर्मित हुई है।                   
बृजेन्द्र सिंह रावत बजरंग दल पूर्व प्रखंड संयोजक भितरवार
पुरातत्व विभाग को शीघ्र ही मरम्मत कार्य शुरू देना चाहिए यह मंदिर हमारी आस्था का केन्द्र है छतरी की मरम्मत न होने लोगों में विभाग के खिलाफ नाराजगी है मरम्मत कार्य के लिए पंचायत की ओर से भी अवगत कराया जाएगा।
मुकेश भार्गव सरपंच ग्राम पंचायत पवाया