वेतन न मिलने से सफाईकर्मी खफा, निगम मुख्यालय पर दिया धरना

Nov 12 2020

ग्वालियर। भरे त्योहार में नगर निगम की सफाई कर्मचारियों ने गुरूवार सुबह से काम बंद कर हड़ताल शुरु कर दी, जिससे शहर से कचरा न उठने के कारण जगह-जगह गंदगी के ढेर लग गए हैं। सफाई कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें नगर निगम द्वारा बीते दो माह से वेतन नहीं दिया गया है, जिससे पहले ही वह परेशान थे और अब त्योहार पर भी उनकी जेब खाली है, ऐसे में हड़ताल के अलावा उनके पास कोई दूसरा रास्ता नहीं था, आज सुबह से काम बंद कर बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष सफाई कर्मचारियों ने निगम मुख्यालय का घेराव करने के साथ ही यहां धरना शुरु कर दिया । इनका कहना है कि जब तक इनकी मांग पूरी नहीं होती, वह यहां से उठने वाले नहीं। जब पैसे के बिना दिवाली वैसे ही काली बीतने वाली है तो फिर खाली जेब कैसा काम और कैसा त्योहार।
सफाई कर्मचारियों का कहना है कि दिवाली के दो दिन बचे हैं, फिर भी उनका वेतन नहीं दिया गया है, जबकि सुपर स्टाफ का वेतन बांट दिया गया है। ऐसा भेदभाव सफाई कर्मचारियों के साथ क्यों किया जाता है। इन सारी बातों को लेकर नगर निगम मुख्यालय, सिटी सेंटर पर आज सुबह 10 बजे समस्त सफाई कर्मचारियों ने एकजुट होकर धरना दिया।
शहर में लगे गंदगी के ढेर
पहले से ही ईकोग्रीन कंपनी के काम बंद कर देने के बाद नगर निगम शहर की सफाई व्यवस्था पर खरा नहीं उतर पा रहा है शहर की गलियों में तो गंदगी के अंबार लगे हैं, सड़कों से भी ठीक से कचरा नहीं उठ रहा है, जिससे लोग परेशान हैं। अब जबकि आज से निगम के सफाई कर्मचारियों ने हड़तान कर दी है, तब सुबह से शहर में कचरा उठना तो दूर झाड़ू तक नहीं लगी, जिससे हालात और बदतर हो गए हैं, यदि इनकी हड़ताल खत्म नहीं होती तो फिर स्थिति और बिगड़ जाएगी। 
धरने पर बैठने बालों में अरविंद मिश्रा प्रदेश मंत्री भारतीय मजदूर संघ, कमल घेंघर भारतीय मजदूर संघ सफाई कामगार मोर्चा के जिला अध्यक्ष, डब्ल्यूएचओ, सफाई मित्र संघर्ष मोर्चा के जिला अध्यक्ष नारायण करौसिया, उपाध्यक्ष सीताराम खरे, बीडी बनाफल, रमेश वाल्मीक, ताराचंद पवार, गोरी दास बिहारी, राजेंद्र भुल्लि, सियासरण सोनवाल, मनोज चडारिया, कमलेश करौसिया, गौतम चड़ारिया, रघुवर दीवान, अनिल धवल, रामअवतार धोरे, कृष्णकांत मेहता, विद्या राम चौहान, अशोक धवल राकेश करौसिया, राजकुमार कड़ेरे, रवि करौसिया, रंजन राणा, रामनरेश बोरे, गुलाब भवन, वीरू करोसिया, श्याम टांक, संजय मेवाती, ब्रजमोहन खरे, राजकुमार वागड़े, मनोज टाक, विजय मास्टर, समस्त डब्ल्यूएचओ एवं समस्त सफाई कर्मचारी शामिल हैं।