बाड़े पर सज गया बाजार, जमकर हो रही खरीदारी

Nov 11 2020

ग्वालियर। पेट की खातिर इन दिनों शहर से मीलों दूर कर्नाटक, महाराष्ट्र और कोलकाता से आए कलाकार अपने हाथ से तैयार किए घर सजाने के आइटम लेकर महाराज बाड़े पर डेरा डाल चुके हैं भले ही अभी तक इन्हें जिस लाभ का इंतजार था वह हासिल नहीं हुआ, लेकिन इसके बावजूद भी वह निराश नहीं हैं, बल्कि पूरे उत्साह के साथ अपने सामान के लिए ग्राहक तलाशने में लगे हैं। इनका मानना है कि मुख्यत: इनके आइटमों की बिक्री दीपावली के चार से पांच रोज पहले ही शुरू होती है और अ'छा मुनाफा हो जाता है। इनमें से तमाम तो ऐसे हैं जो पूरे परिवार के साथ यहां आए हैं। वहीं कुछ ऐसे भी हैं जो पीढिय़ों से यहां आ रहे हैं। वह यह बात जरूर मानते हैं कि वक्त के साथ लोगों की सोच बदली है और इसी के आधार पर इनके द्वारा समय-समय पर अपने आइटम्स में परिवर्तन किया है।
इन दिनों शहर के तमाम बाजारों में दीपावली पर सजावट किए जाने वाला बेचते तमाम लोग आसानी से देखे जा सकते हैं। आमतौर पर लोग इन पर ध्यान नहीं देते और सामान खरीद कर या फिर दाम पूछ कर आगे बढ़ जाते हैं, लेकिन ऐसे तमाम कलाकार हैं जो अपने शहर को मीलों दूर छोड़ कर यहां आए हुए हैं।
सड़क पर ही बना लिया आशियाना 
बाहर से आए गरीब कलाकारों के पास इतना पैसा नहीं होता कि यहां आकर धर्मशाला आदि में रह सकें ऐसे में इनके द्वारा सड़क किनारे ही आशियाना बना लिया जाता है।
इन दोनों भी महाराज बाड़े पर विक्टोरिया मार्केट के समीप यह शिल्पी खुले आसमान के नीचे रात बिताते दिखाई दे जाएंगे, हालांकि ऐसे में कई बार इनकी चोरी आदि भी हो जाती है लेकिन करें तो क्या।