शांतिपूर्ण मतदान होने पर अफसरों ने ली चैन की सांस

Nov 11 2020

ग्वालियर। जिले की तीन विधानसभा सीट के उप चुनावों के परिणाम शांतिपूर्वक संपन्न होने पर जिला प्रशासन व पुलिस अधिकारियों ने राहत की सांस ली है। सबसे पहले ग्वालियर15 विधानसभा का चुनाव परिणाम घोषित किया गया। वहीं मंगलवार- बुधवार की दरमियानी रात एक बजे के बाद ग्वालियर पूर्व विधानसभा चुनाव का परिणाम घोषित करने के बाद जीत का प्रमाणपत्र जिला निर्वाचन अधिकारियों ने नव-निर्वाचित विधायक डॉ.सतीश सिंह सिकरवार को दिया।
3 नवंबर को तीन विधानसभा चुनावों के लिए हुए मतदान के लिए मंगलवार को मतगणना का काम एमएलबी कॉलेज परिसर में सुबह आठ बजे शुरु हो गया था। दोपहर के बाद जैसे-जैसे काउंटिंग चक्र होते गए वैसे-वैसे तीनों विधानसभा चुनाव परिणामों की स्थिति स्पष्ट होती गई।
सबसे पहले परिणाम ग्वालियर-15 का घोषित किया गया। इसके बाद डबरा विधानसभा का परिणाम जिला निर्वाचन अधिकारी कौशलेन्द्र विक्रम सिंह द्वारा घोषित किया गया। सबसे अधिक टेंशन वाली सीट जिला व पुलिस प्रशासन के लिए ग्वालियर पूर्व बनी हुई थी। लेकिन देर रात घोषित किए गए परिणाम में कांग्रेस प्रत्याशी डॉ.सतीश सिकरवार ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी पूर्व विधायक मुन्नालाल गोयल को हराया। लेकिन मतगणना से लेकर चुनाव परिणाम घोषित होने तक किसी भी प्रकार की घटना दोनों प्रत्याशियों को बीच नहीं होने से प्रशासन ने बड़ी राहत की सांस ली। क्योंकि जिला प्रशासन के लिए ग्वालियर पूर्व विधानसभा सीट ही सबसे अधिक संवेदनशील मानी जा रही थी।
दोनों पार्टियों पर थी सुरक्षाकर्मियों की नजर
एमएलबी कॉलेज के बाहर भाजपा व कांगे्रस प्रत्याशियों के समर्थकों का जमावड़ा सुबह से ही शुरु हो गया था। दिन चढऩे व अपने प्रत्याशी को बढ़त लेने की खबर मिलते ही उनके समर्थक सैकड़ों की संख्या में मतगणना स्थल के बाहर जमा होते गए। प्रत्याशियों के समर्थकों की भीड़ पर नजर रखने के लिए जिला प्रशासन द्वारा पूर्व में बनाई गई रणनीति के तहत समर्थकों के बीच सादा वर्दी में सुरक्षा जवानों क ी तैनाती की गई थी और तैनात किए गए सुरक्षाकर्मी प्रत्याशियों के समर्थक पर पल-पल नजर रखे हुए थे। परिणाम की स्थिति क्लीयर होने के बाद चुनावी रण में हार तय होने से पहले ही इन प्रत्याशियों के समर्थक एक-एक कर लौटना शुरु हो गए। केवल जीत रहे प्रत्याशियों के समर्थक ही देर रात तक मतगणना स्थल के बाहर नारेबाजी करते नजर आए। मतगणना में लगे 6 सैकड़ा से अधिक अफसर व कर्मचारी मतगणना प्रक्रिया पूरी करने व ईवीएम मशीनों को पुन: स्ट्रांगरूम में रखने के बाद ही अलसुबह ही मतगणना स्थल से अपने घरों को रवाना हो सके।