रात का पारा भी गिरा बढ़ी धुंध

Nov 09 2020

ग्वालियर। हर दिन सर्दी अब अपना असर बनाती जा रही है। वहीं धुंध ने जनजीवन को बरूतरह प्रभावित करने का काम किया है। यही कारण है कि कल की अपेक्षा आज सुबह दृश्यता मात्र एक किलोमीटर रह गई, जिससे लोगों को सुबह के वक्त वाहनों की लाइट जलानी पड़ी, वहीं हाइवे पर वाहनों की गति पर ब्रेक सा लग गया। सूरज जहां देर से निकला, लेकिन ज्यादा तपा नहीं।
उधर तीन दिन से स्थिर रात के पारे में 0.5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट भी दर्ज हुई है। न्यूनतम पारा चो अब तक 12 डिग्री सेल्सियस पर टिका था, जो 11.5 डिग्री सेल्सियस पर आगया, जो कि सामान्य से 1.5 डिग्री सेल्सियस कम था। इसके चलते बढ़ी ठंड का व्यापक असर शहर पर दिखा और दिनचर्या तीन से चार घंटे विलंब से शुरु हो सकी। भले ही अभी शीतलहर के प्रभाव से शहर पूरी तरह मुक्त है, इशके बावजूद बीती रात से आज सुबह देर तक टिठुरन सी महसूस हुई। इसके बाद सूरज की किरणों ने पैर तो पसारे, लेकिन धूप में चटक नहीं थी।
धुंध का असर बाहरी और हाइवे क्षेत्रों में ज्यादा दिखाई दिया, जहां रात को बड़े वाहन ट्रक-बस आदि रेंग-रेंग कर चले वहीं सोमवार सुबह आठ बजे के बाद तक भी इनकी गति ज्यादा नहीं बढ़ सकी। इसका कारण यह था कि धुंध के कारण दृश्यता घटकर मात्र एक किलोमीटर रह गई थी, यही नहीं सुबह तो हाइवे पर चल रहे वाहनों की हैडलाइट तक ऑन करनी पड़ी। इधर शहर में भी हालात यह रहे, कि दिन देर से निकला ऐसे में लोग भले ही समय पर जाग गए, लेकिन ठंड के कारण रजाई में ही दुबके रहे, जिससे नौ बजे के बाद ही सड़क और बाजारों में गहमा-गहमी दिखाई दी। दुकानदार भी सर्दी के कारण दुकानों के शटर उठाने देर से ही पहुंचे। इसके बाद लोगों ने गुलाबी ठंड में हल्की धूप का मजा लेने में भी कसर नहीं छोड़ी। मौसम के जानकारों की मानें तो अब दो दिन में जब हवा प्रभावी हो जाएगी तो आसमान साफ होते ही ओस का सिलसिला शुरु हो जाएगा, इसके साथ ही शीतलहर का प्रकोप झेलना होगा।