जिंदगी एक जंग है जीत कर भी हार है... लिखकर, पत्रकार संतोष गुप्ता ने सल्फास खाकर की आत्महत्या

Nov 07 2020

ग्वालियर। रात 1.52 बजे सोशल मीडिया पर अपना अंतिम संदेश लिखकर  जिंदगी एक जंग है जीत कर भी हार है ... पत्रकार संतोष गुप्ता ने तड़के सल्फास खाकर जान दे दी। संतोष ने किन कारणों के चलते मौत को गले लगाया, इसका खुलासा नहीं हो सका है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरु कर दी है। पत्रकार संतोष गुप्ता ने तड़के सल्फास की गोलियां खाकर जान दे दी। संतोष के बारे में बताया गया कि वे कुछ समय पहले ही अपने माधौगंज स्थित पैतृक घर से घोसीपुरा में अपनी पत्नी व बच्चों के साथ रहने आ गए थे। तीन साल से वे यही रह रहे थे। पुलिस के मुताबिक संतोष बीते रोज अपने दफ्तर नहीं गये थे। उन्होंने किसी जरूरी काम की बात कहकर छुट्टी ली थी। इसके बाद वे अपने घर पर ही थे। रात को पूरे परिवार ने साथ में बैठकर खाना खाया। संतोष की पत्नी के मुताबिक तड़के साढ़े तीन बजे के आसपास उन्होंने उल्टियां करना शुरु कर दी थी। इसकी इत्तला उन्होंने परिवार व मित्रों को दी। इसके बाद गंभीर हालत में परिजन जेएएच ले गए। यहां सुबह साढ़े चार बजे के आसपास डॉक्टर ने संतोष को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए जेएएच के डैड हाउस भेज दिया है। फिलहाल पुलिस मर्ग कायम कर के परिजनों से आत्महत्या की वजह जानने का प्रयास करेगी।
इस घटना से प्रबुद्धजनों ने गहरा शोक व्यक्त किया है। श्री गुप्ता अपने पीछे दो मासूम बच्चे छोड़ गए हैं। 
 एक साल में अब तक तीन पत्रकार सुसाइड कर चुके है । इनमें अलग - अलग अखबारों में रहे हृदयेश मिश्रा ने सल्फास खाकर आत्महत्या कर ली थी। इसके बाद अरुण शर्मा ने लॉकडाउन में फांसी लगाकर जीवन लीला समाप्त कर ली। वहीं शनिवार को संतोष गुप्ता ने तनाव के चलते सुसाइड कर लिया।