प्रत्याशियों की किस्मत स्ट्रांग रूम में बंद, अब परिणाम का इंतजार

Nov 04 2020

 ग्वालियर। जिले की तीन सीटों के प्रत्याशियों की किस्मतस्ट्रांग रूम में बंद हो गई है। इसके साथ ही प्रत्याशियों की दिल की धड़कनें भी तेज हो गईं हैं। इसकीकिस्मत का फैसला 10 नवंबर को होगा। सुबह बुधवार को एमएलबी कॉलेज के स्ट्रांग रूम में सुरक्षा के ट्रिपल लेयर व्यवस्था देखने को मिली। यहां विधानसभा वार तीन कक्ष में18 सीसीटीवी लगाए गए हैं। सुरक्षा में केंद्रीय सुरक्षा बल से लेकर बीएसएफ और पुलिस की सुरक्षा शामिल हैं। प्रत्याशियों व कार्यकर्ताओं के लिए स्ट्रांग रूम से कुछ दूरी परएलईडी लगवाई गई है, जहां से वे तीनों विधानसभा क्षेत्रों के स्ट्रांग रूम का नजारा देख सकेंगे।
एसडीएम और तहसीलदार की व्यवस्था
प्रशासनिक स्तर पर है और सीसीटीवी के लिए अलग से वेंडर के साथ प्रशानिक अधिकारी भी निगरानी रखेंगे। वहीं प्रत्याशियों ने अपने समर्थकों को भी स्ट्रांग रूम की सुरक्षा के लिए तैनात कर दिया है। वह बाहर परिसर में लगी एलईडी के जरिए स्ट्रांग रूम की निगरानी कर रहे हैं। 
पोलिंग की समीक्षा कर रहे प्रत्याशी
मतदान के दौरान बारादरी में ग्वालियर पूर्व विधानसभा क्षेत्र के भाजपा और कांग्रेस प्रत्याशी को पुलिस ने नजरबंद कर लिया था। ऐसे में दोनों प्रत्याशियों ने सुबह अपने कार्यकर्ताओं से पोलिंग बूथों पर मतदान को लेकर चर्चा की है। इधर ग्वालियरविधानसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी प्रद्युन सिंह तोमर और कांग्रेस प्रत्याशी सुनील शर्मा कार्यकर्ताओं से पोलिंग स्तर पर या प्रतिशत रहा यह जानकारी ले रहे हैं।
मुख्य द्वार पर हो रही पूछताछ
एमएलबी कॉलेज में आने-जाने वालों पर प्रतिबंध लगाया गया है और उन्हीं लोगों को प्रवेश दिया जा रहा है जिनके पास जिला प्रशासन द्वारा जारी किए गए कार्ड हैं। एमएलबी के दोनों गेटों पर पुलिस जवान व अफसर तैनात हैं जो परिसर में प्रवेश करने वालों से पूछताछ कर रहे हैं और रजिस्टर में इसकी एंट्री भी की जा रही है। कॉलेज में पहुंचने वाले पुलिसकर्मियों से भी पूछताछ की जा रही है। 
6 दिन के लिए प्रत्याशियों की किस्मत लॉक
दीपावली से पहले किस प्रत्याशी की दीवाली मनेगी और कौन प्रत्याशी हार का सामना करेगा इसका फैसला 10 नवंबर को दीपोत्सव से पहले आएगा। विधानसभा उपचुनाव के लिए मतदान का काम पूरा होते ही प्रत्याशियों की किस्मत 6 दिन के लिए ईवीएम में लॉक हो गईहै। किस विधानसभा क्षेत्र से कौन-कौन विधानसभा की देहरी चढ़ पाएगा इसका फैसला परिणाम आने के बाद होगा। मतदाताओ ने अपने मत का उपयोग करते हुए इनके भाग्य का फैसला ईवीएम में कैद कर दिया है। चुनाव खत्म होते ही बाजारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं तो प्रत्याशियों के समर्थक भी जीत का दावा कर रहे हैं, लेकिन कौन जीतेगा और कौन हारेगा यह तो 10 नवंबर को ही पता चलेगा।