चुनावी भागदौड़ के बाद प्रत्याशियों ने योग से उतारी थकान तो कोई गुणा-भाग में लगा

Nov 04 2020

ग्वालियर। बुधवार की सुबह प्रत्याशियों के लिए रोज से कुछ अलग रही। कोई सुबह 6 तो कोई 7 बजे सोकर उठा, पर इस बार चुनाव प्रचार में जाने के लिए नहीं बल्कि एक दिन पहलेहुए मतदान का हिसाब किताब लगाने के लिए। किसी ने सुबह गर्म चाय से थकान उतारी तो कोई योग करता नजर आया।
इसके बाद कार्यकर्ताओं से बातचीत कर पोलिंग सेंटरों का गणित समझा। जबकि अभी तक रोज सुबह उठने के साथ प्रत्याशियों के पैदल-पैदल चुनाव प्रचार का कार्यक्रम पहले से तय रहता था। 
नाती-पिता के साथ बिताया समय
ग्वालियर विधानसभा से कांग्रेस प्रत्याशी सुनील शर्मा रोजाना सुबह पांच बजे जगकर प्रचार की तैयारी शुरू कर देते थे, लेकिन मतदान होने के बाद बुधवार सुबह सात बजे तक नींद पूरी की और इसके बाद नाती यशवर्धन और पिता को समय दिया। उनका कहना था कि आचार संहिता लगते ही जनसंपर्क में जाने के कारण वह सबसे कम समय पिता और नाती को दे सके। इसलिए आज उन्हें समय देने के बाद समर्थकों संग बैठक कर आगामी रणनीति बनाएंगे।
सुबह से गुणा-भाग में जुटे
कांग्रेस प्रत्याशी सतीश सिकरवार रोजाना की तरह सुबह पांच बजे जागे और परिवार के सदस्यों को समय दिया। इसके बाद नहाकर पूजा अर्चना की और समर्थकों से बात की। सुबह से ही समर्थकों का घर पर पहुंचना शुरू हो गया था। समर्थकों से कम हुए मतदान को लेकर चर्चा की। इसके बाद उनसे पोलिंग बूथ स्तर पर जानकारी जुटाई कि कहां पर कितना मतदान हुआ और उसमें अपने पक्ष और विपक्षी प्रत्याशियों को कितने मत मिले होंगे। 
35 दिन की थकान, जमकर ली नींद
ग्वालियर विधानसभा से भाजपा प्रत्याशी प्रद्युम्न सिंह तोमर आचार संहिता लगने से पहले ही चुनावी तैयारियों में लग गए थे। सुबह से लेकर देर रात तक प्रचार की कमान संभालने के कारण उन्होंने ना तो पूरी नींद ली और ना ही परिवार को समय दिया। अब मतदान होने के बाद बुधवार सुबह आठ बजे बिस्तर से निकले। इसके बाद परिवार के लोगों को समय देकर पार्टी कार्यालय पहुंचकर समर्थकों से मतदान की जानकारी जुटाई।
योग से मिटाई 35 दिन की थकान
पूर्व विधानसभा से भाजपा प्रत्याशी मुन्नालाल गोयल रोजाना की तरह सुबह छह बजे जागे और दैनिक क्रिया से निवृत्त होकर योग कर 35 दिन से सुबह से देर रात तक प्रचार कर जो थकावट हुई उसे दूर किया। इसके बाद चाय नाश्ता करने के बाद अपने कार्यालय पहुंचे और समर्थकों के साथ बातचीत कर कम हुए मतदान पर चर्चा की, किस इलाके से उन्हें कितने वोट मिले हैं। श्री गोयल ने कहा कि जो भी होगा वह 10 नवंबर को सामने आ जाएगा।