करवाचौथ कल, महिलाएं कर रही जमकर खरीदारी, शृंगार के लिए बाजार सजकर तैयार

Nov 02 2020

ग्वालियर। दीपों का त्योहार दीपावली से पहले महिलाएं पति की दीर्घायु के लिए निराहार रहकर व्रत करेंगी और 16 शृंगार कर चंद्रमा का पूजन कर व्रत को खोलेंगी। करवाचौथ का पर्व 4 नवंबर को मनाया जाएगा, जिसकी तैयारियां शुरू हो गई हैंऔर शृंगार के बाजार सजकर तैयार हैं जहां खरीदारों की भीड़ लगी हुई है।
16 शृंगार कर पति की दीर्घायु के लिए निराहार रहकर चांद देखने के बाद छलनी में पति का चेहरा देखकर व्रत खोलने वाली महिलाओं ने शृंगार के लिए खरीदारी करना शुरू कर दी है। 16 शृंगार के लिए पार्लरों की बुकिंग अभी से ही हो गई है और हाथ में पिया के नाम की मेहंदी लगाने के लिए बुकिंग करते हुए एडवांस भी महिलाओं ने दे दिया है। करवाचौथ केलिए बाजारों में अच्छी खासी भीड़ नजर आ रही है। शृंगार का सामान बेचने वालों के यहां महिलाओं की भीड़ लगी है तो वहीं कपड़ों की दुकानों पर भी महिलाएं साडिय़ां, लहंगा चुन्नी पसंद करते हुए घंटों इंतजार कर रहे हैं।
करवाचौथ पर जहां महिलाएं व्रत रखकर पति की दीर्घायु के लिए व्रत रखेंगी तो वहीं नए परिधान भी पहनेंगी। महिलाओं ने साडिय़ां पसंद करते हुए खरीद ली हैं और अब ब्लाउज सिलवाने के लिए टेलरों की दुकानों पर खड़ी नजर आ रही हैं। हालत यह है कि टेलरों को फुर्सत नहीं है और वह नए ब्लाउज की बुकिंग नहीं ले रहे हैं जिससे महिलाओं को मजबूरी में रेडिमेड खरीदना पड़ रहे हैं।
ब्यूटी पार्लरों पर भी हुई बुकिंग
हर किसी की इच्छा होती है वह सुंदर दिखे इसके लिए कई प्रकार के फेस वॉश, क्रीम का उपयोग करता है। करवा चौथ पर महिलाएं सोलह शाृंगार कर पति की दीर्घायु के लिए कामना करेंगी, इसके लिए अभी से ही तैयारियां शुरु होगई हैं। सोलह शाृंगार करने के लिए ब्यूटी पार्लरों पर महिलाएं पहुंचकर बुकिंग करा रही है जिससे ऐन वक्त पर परेशान नहीं होना पड़े। ब्यूटी पार्लर संचालिका अंजलि का कहना है कि लगभग बुकिंग फुल हो चुकी हैं। मेंहदी के लिए भी महिलाएं आ रही हैं लेकिन मेहंदी लगाने वाली नहीं मिल पा रही हैं।
साड़ी की दुकानों पर भीड़
साड़ी की दुकानों पर करवाचौथ के लिए अच्छी खासी भीड़ नजर आ रही है। दुकानदारों द्वारा जो माल मंगाया गया है, महिलाएं सबसे ज्यादा कढ़ाई वाली साडिय़ों की डिमांड कर रही हैं। साड़ी की दुकानों पर अ'छी खासी भीड़लगने से दुकानदारों के चेहरे खिले हुए हैं।
सुबह से शाम तक भूखा रहने के बाद सूरज ढलते ही चांद के दीदार के लिए आसमान की ओर टकटकी लगाए महिलाएं बैठी रहेंगी और जैसे ही चांद निकलेगा तो छलनी में दीया रखकर पूजा करेंगी और अपनी सास-ननद से आशीर्वाद लेंगी। करवाचौथ पर करवा में चावल भरकर अपनी ननद को देंगी, जिसके लिए मिट्टी और शक्कर के करवे, छलनी, सींक, पूजा की थाली की मांग भी हो रही है।