स्वेटर के बाद कंबल भी संदूक से बाहर

Oct 28 2020

ग्वालियर। बढ़ती नमी के साथ ही अब पारे में हर रोज गिरावट दर्ज हो रही है, जहां कल न्यूनतम पारा 15 डिग्री सेल्सियस पर आ गया था, वहीं आज यह 14 डिग्री सेल्सियस पर ही रह गया। ठंड का असर कल शाम से ही बढ़ गया था जिसके चलते शाम से ही लोगों के शरीर पर स्वेटर आ गए थे, वहीं रात में हल्के कंबल व रजाई संदूक से निकलने पड़े। सुबह तो बेहद कंपकंपी रही, लेकिन बादमें मखमली धूप खूब आनंदित करती रही।  मौसम के जानकारों का कहना है कि अब शहर सर्दी में प्रवेश कर चुकाहै, जिसके चलते सूरज की किरणों की तल्खी भी नर्म पड़ती जा रही है।
उल्लेखनीय है कि इस बार जहां लोग मानसून के लिए तरसते रहे, वहीं ठंड का सीजन शुरु होने के बाद भी सूरज के तल्ख तेवर परेशानी का कारण बने हुए थे। दोपहर तो दूर सुबह से ही गर्मी का अहसास परेशान कर रहा था, इसके पीछे मौसम के जानकारों का तर्क यह ता कि दक्षिण भारत में अठका मानसून इशकी वजह है। यह सच भी साबित हुआ, दक्षिण का मौसम बदलते ही शहर में नमी की मात्रा बढऩी शुरु हुई और तीन दिन में न्यूनतम पारा 19 डिग्री सेल्सियस से 14 डिग्री सेल्सियस पर आ गया, यदिमौसम विभाग की संभावना सच साबित हुई तो फिर नवंबर के पहले सप्ताह में शहर तेज सर्दी की चपेट में होगा। यानि टोटल कूल।
भले ही सर्दी ने अबी पूरी तरह दस्तक नहीं दी है, लेकिन जिस तरह से बीते दो दिन में मौसम बदला है उससे गर्म कपड़े बेचने ेवालों के चेहरों पर मुस्कान आ गई है। वह इस बात को लेकर आशान्वित हैं कि गत वर्ष जोरदार सर्दी के कारण उनका धंधा ही नहीं चला था, बल्कि कई साल का स्टॉक अच्छे दाम में ठिकाने लग गया था। उधर गुलावी ठंड लोगों को भी खूब रास आ रही है। सुबह गुनगुनी धूप की जो चाह वह पाले हुए थे वह अब पूरी हो गई है।