अम्मा महाराज की छत्री में सैर करना हुआ महंगा

Oct 26 2020

ग्वालियर। हर व्यक्ति फिट रहना चाहता है इसके लिए वह सुबह ताजी हवा लेने के साथ-साथ तफरीह करने के लिए अम्मा महाराज की छत्री पहुंच रहा है लेकिन यहां पहुंचने वाले लोगों को उस समय मायूस होना पड़ा जब प्रबंधन द्वारा एका-एक तफरीह करने के लिए 30 रुपए प्रतिदिन के हिसाब से वसूलना शुरू कर दिए। कोरोना संक्रमण के चलते पार्कों में ताले लटके हैं लेकिन अम्मा महाराज की छत्री खुल गई है और यहां सुबह-शाम घूमने के लिए लोगों की भीड़ लगी हुई है। एकाएक पैसे बढ़ाने का कुछ लोगों ने विरोध भी किया लेकिन प्रबंधन की मनमानी के सामने यह विरोध ज्यादा देर तक नहीं चल सका।
कटोराताल स्थित अम्मा महाराज की छत्री पर हर रोज सैकड़ों लोग सुबह 5 बजे से ही तफरीह करने के लिए पहुंचना शुरू हो जाते हैं वह अपनी सेहत की चिंता करते हुए वॉक करते हैं। छत्री में प्रवेश शुल्क पहले 20 रुपए लिया जाता था और इस वर्ष 30 रुपए कर दिया गया है। छत्री में जब प्रवेश के लिए लोग पहुंचे तो उन्हें यह कहते हुए रोक दिया गया कि पहले बढ़ा हुआ शुल्क जमा करो इसके बाद ही प्रवेश मिलेगा, जिसका कुछ लोगों ने विरोध किया तो प्रबंधन के कर्मचारियों ने उन्हें प्रवेश देने से ही रोक दिया। 
अम्मा महाराज की छत्री में तफरीह करने के लिए सुबह और शाम लोगों की भीड़ लगी रहती है जिसका फायदा सिंधिया ट्रस्ट द्वारा उठाया जा रहा है। प्रबंधन द्वारा हर वर्ष तफरीह करने वालों का शुल्क बढ़ाया जाता है। पहले यह शुल्क 10 रुपए हुआ करता था इसके बाद 20 हुआ, फिर 25 और अब 30 रुपए प्रतिदिन के हिसाब से लिया जा रहा है, जबकि महीने का कार्ड 250 की जगह 300 रुपए का बनाया जा रहा है। 
शहर के पार्क अब भी बंद
सुबह और शाम मौसम का आनंद लेते हुए परिवार के साथ लोग पार्कों में पहुंचते थे लेकिन नगर निगम द्वारा मार्च माह से ही पार्कों में ताला डाला गया था जो आज तक नहीं खुला है। अनलॉक-5 में सिनेमा घर से लेकर मॉल तक खुल गए हैं लेकिन पार्कों में अभी भी ताला लगा होने के कारण तफरीह करने वालों को परेशान होना पड़ रहा है। महाराज बाड़ा जीयाजी पार्क में तो ताला लगा होने के कारण लोग सड़क पर ही घूम रहे हैं। पार्कें बंद होने से उन लोगों को भी परेशानी हो रही है जो महंगे होटलों में सगाई-संबंध नहीं कर पाते हैं वह पार्कों में ही आयोजन करते थे।