एस.जेपीयू बालकों के सर्वोत्तम हित में कार्य करे- विजय कुमार

Oct 18 2020

ग्वालियर। विधि का अभिकथित उल्लंघन करते पाये जाने वाले बालकों औऱ देखरेख एवं संरक्षण के जरूरतमन्द बालकों से सम्बंधित विधि के मामलों के न्याय निर्णय और निपटारे मे बालको के प्रति मित्रवत दृष्टिकोण अपनाते हुये, समुचित देखरेख, संरक्षा, विकास, उपचार, समाज मे पुन: मिलाने के माध्यम से, उनकी मूलभूत जरूरतों को पूरा करते हुए, उपबन्धित प्रक्रियाओं तथा इसके अधीन स्थापित संस्थाओं एवं निकायों के माध्यम से किशोरों के पुनर्वास की व्यवस्था बालकों के सर्वोत्तम हित मे करना जे. जे.ऐक्ट का उद्देश्य है । एस. जे.पी. यू. बालकों के सर्वोत्तम हित मे कार्य करे यह बात विजय कुमार उपमन्यु सहायक जिला लोक अभियोजन द्वारा कही गई ।
विजय कुमार उपमन्यु ए. डी. पी. ओ. ने जे. जे. एक्ट के संदर्भ में एस. जे. पी.यू. की भूमिका एवं महत्व को रेखांकित करते हुए बताया कि एस. जे.पी.यू. में कार्यरत पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बाल मनोविज्ञान का पर्याप्त ज्ञान एवं समझ होना जरूरी है। विशेष किशोर पुलिस इकाई का किशोर न्याय बोर्ड, बाल कल्याण समिति, जिला बाल संरक्षण इकाई, रास्ट्रीय / राज्य बाल संरक्षण आयोग आदि के प्रति विशेष उत्तरदायित्व है, जिसका समुचित निर्वहन अत्यावश्यक है । एस. जे.पी.यू. को बोर्ड औऱ समिति द्वारा अपनाई जाने वाली प्रक्रिया एवं विधिवत क्षेत्राधिकार में बाल देखरेख संस्थाओं और उपयुक्त सुविधाओं के सम्पर्क ब्यौरों सहित स्वैच्छिक एवं गैर सरकारी संगठनों जैसे चाइल्डलाइन आदि से समन्वय स्थापित करके रखना चाहिए ।