मैनकाइंड फार्मा ने संध्या मरावी को 1 लाख रुपये के पुरस्कार से सम्मानित किया
Oct 16 2020
अपने परिवार की जीविका चलाने के लिए बनी-बनायी लकीर को तोड़ने वाली, संध्या मरावी भारत की पहली महिला कुली हैं।
जरूरतमंद लोगों का समर्थन करने के लिए प्रसिद्ध, प्रमुख फार्मास्युटिकल कंपनी, मैनकाइंड फार्मा, भारत की पहली महिला कुली संध्या मरावी के समर्थन में आगे आई है। जारी पहल के एक हिस्से के रूप में, मैनकाइंड फार्मा ने संध्या मरावी को बनी-बनायी लकीर को तोडने और अपने परिवार का सहयोग करने के लिए एक लाख रुपये का पुरस्कार देकर सम्मानित किया है।
2016 में पति के असामयिक निधन के बाद, तीन बच्चों की युवा माँ, संध्या, के सामने परिवार की परवरिश करने की चुनौती आ गई और संध्या ने 36 साल की उम्र में कुली का बैज लगा कर भारत की पहली महिला कुली बन गईं। अपने रास्ते में आने वाली किसी भी चुनौती का मजबूती से सामना करने को तैयार, संध्या ने आत्मनिर्भर बनने का रास्ता चुना और अपने परिवार की भलाई के लिए दिन-रात काम किया, ताकि उनके सिर पर छत हो। असली नायकों को पहचानने और आत्मानिर्भरता की भावना को सलाम करने की अपनी सोच के अनुरूप, मैनकाइंड फार्मा, ने संध्या के प्रयासों को स्वीकार किया और विनम्रतापूर्वक उन्हें एक लाख रुपये से सम्मानित किया।
मैनकाइंड फार्मा के सी.ई.ओ श्री राजीव जुनेजा ने कहा कि “संध्या जैसी महिलाएं पूरे समाज के लिए एक प्रेरणा हैं, वे आत्मनिर्भरता की सच्ची प्रतीक हैं। संध्या ने बिना किसी शिकायत के अपनी दिक्कतों के बावजूद, एक बहादुर माँ की तरह अपने बच्चों की बेहतर जिन्दगी के लिए खुद को समर्पित कर दिया। संध्या जैसी शख्सियतें और नायिकाएं समाज को "आत्मनिर्भर भारत" की ओर लगातार बढ़ने में मदद कर रही हैं। मैनकाइंड में हमारा यह मानना है कि अगर हमारी विनम्र मदद किसी भी तरह से उनके काम आ पाती है, तो हमें संतोष होगा कि हमने समाज के लिए कुछ किया है। अपनी छोटी पहल के साथ हम दूसरों से भी आग्रह करते हैं कि वे आगे आएं और उन सभी महिलाओं की मदद करें और उनका समर्थन करें जो आत्मनिर्भर हैं और परिश्रमपूर्वक अपने परिवारों के खुशहाल जीवन के लिए लगन से काम कर रही हैं।
भारत की घरेलू फार्मास्युटिकल कंपनी मैनकाइंड फार्मा, जो चार अग्रणी दवा कंपनियों में से एक है, हमारे समाज के वास्तविक नायकों को पहचानने में सहायक रही है। कंपनी को सिर्फ लाभ कमाने के लिए ही नहीं, बल्कि जरूरत के हिसाब से मदद के लिए सीएसआर गतिविधियों के लिए भी जानी जाती है।
कोविड-19 संकट के दौरान, मैनकाइंड फार्मा ने पिछले महीने विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री राहत कोष में 51 करोड़ रुपये दान किए। इसके अलावा, मैनकाइंड फार्मा के सभी कर्मचारियों ने भी राहत कोष में एक दिन का वेतन दिया है। वैश्विक महामारी कोविड-19 के संकट के दौरान, अस्तित्व के लिए संघर्ष करने वाली कई कहानियों के बीच, मैनकाइंड फार्मा समुदायों और वायरस से लड़ रहे फ्रंटलाइन कार्यकर्ताओं का समर्थन करती रही है।
संपादक
Rajesh Jaiswal
9425401405
rajeshgwl9@gmail.com
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