शहर में बढ़ती जा रही गंदगी, हर ओर कचरे के ढेर

Oct 11 2020

ग्वालियर। जैसा पहले से तय था हुआ भी वहीं, एक बार फिर ईकोग्रीन कंपनी नगर निगम पर भारी पड़ी है। निगमायुक्त ने कंपनी के प्रबंधन को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया था, लेकिन न तो उसने कोई उत्तर दिया और न ही रविवार को तीसरे दिन फिर अपनी गाडिय़ां और  कर्मचारी फील्ड में उतारे, कंपनी की ताकत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उसने निगमायुक्त के आदेश तक को महत्व नहीं दिया। उधर निगम के आउटसोर्स कर्मचारी भी लामबंदी में जुटे हैं, ऐसे में शहर में सारा शहर गंदगी से अटा पड़ा है। बाजारों से लेकर मोहल्लों तक में कचरे का ढेर जमा हैं। नाले और नालियों का गंदा पानी रास्ते में फैल रहा है, जिससे लोग परेशान हो रहे हैं। यही हाल रहा तो फिर लोगों का घरों में रहना तक मुश्किल हो जाएगा।
रविवार से लौटना था काम पर
निगमायुक्त संदीप माकिन ने दो रोज पहले ईकोग्रीन कंपनी के प्रबंधन को नोटिस देकर साफ कह दिया था या तो वह काम पर लौटें नहीं तो उसे बाहर का रास्ता दिखा दिया जाएगा। लगा यह था कि इस बार चेतावनी का असर होगा, लेकिन हुआ कुछ नहीं। पहले भी इस तरह के नोटिसों को कंपनी प्रबंधन कचरे में डालता रहा है और मनमाने रवैए के साथ शहर में सफाई का काम कर रहा है। हर कुछ रोज बाद इसके कर्मचारी काम बंद कर देते हैं, शहर की सफाई व्यवस्था ठप हो जाती है, लेकिन बजाए कार्रवाई के कंपनी को पूरा भुगतान कर दिया जाता है, इसके पीछे निगम पर क्या दबाव है यह तो वही जानें। 
सूत्रों का कहना है कि कंपनी निगम से स्थानीय स्तर पर कोई वार्ता नहीं करती, बल्कि इसके सारे फैसले ऊपर से होते हैं और निगम के अधिकारी उस पर किसी भी तरह की कार्रवाई करने में अक्षम हैं।
निगम कर्मचारी ही करेंगे डबल ड्यूटी
इधर निगम के स्वास्थ्य उपायुक्त सत्यपाल ंिसह चौहान का कहना है कि शहर को साफ रखना निगम की जिम्मेदारी है और इसका निर्वाह भलीभांति किया जा रहा है। निगम के सफाई कर्मचारियों से डबल काम लिया जाएगा, दलेल भी लगाई जाएगी। निगम की अतिरिक्त गाडिय़ां भी कचरा समेटने के लिए शहर में लगा दी गई हैं। वहीं डंपिंग ग्राउंड भी साफ कराए जा रहे हैं। यहां शहर का कचरा डलवाया जाएगा, इसके बाद इसे लैंडफिल साइट पर पहुंचाया जाएगा।