कृषि कानूनों पर कांग्रेस के दुष्प्रचार के आगे मोदी सरकार ना झुकेगी, ना रुकेगी: नरेन्द्र सिंह तोमर

Oct 06 2020

ग्वालियर। जो लोग मोदी सरकार द्वारा बनाए गए कृषि कानूनों का विरोध कर रहे हैं, मैं उन्हें यह बता देना चाहता हूं कि मोदी सरकार साफ नीयत से काम करती है, किसी स्वार्थ या दबाव से नहीं चलती। आने वाले समय में देश आत्मनिर्भर हो सके, देश की जीडीपी में कृषि क्षेत्र का सर्वाधिक योगदान हो, किसानों की माली हालत सुधरे और उनका जीवनस्तर ऊपर उठ सके, इसके लिए ये सुधारवादी कदम उठाए गए हैं। मोदी सरकार कांग्रेस के विरोध के आगे ना तो झुकेगी और ना इसके कारण रुकेगी। यह बात मंगलवार को केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्रसिंह तोमर ने मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा के दौरान कही।
पहले घोषणा पत्र को गलत कहे, फिर विरोध करे कांग्रेस
केंद्रीय मंत्री तोमर ने कहा कि कृषि सुधार कानूनों पर कांग्रेस जो दुष्प्रचार कर रही है उससे उसका गरीब और किसान विरोधी चेहरा देश के सामने आ गया है। यही कारण है कि देश के किसान कांग्रेस और उसके नेता राहुल गांधी के साथ नहीं है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने और उनको सम्मान वाला जीवन देने के लिए जो सुधार किए हैं, वे कांग्रेस को हजम नहीं हो रहे हैं। श्री तोमर ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी को यदि किसानों की इतनी ही चिंता है,  तो वह पहले जनता के सामने अपनी पार्टी के 2019 के घोषणा पत्र को हाथ में लेकर उसमें किए गए कृषि सुधार के वायदों को झूठा कहें, और फिर विरोध करें। श्री तोमर ने कहा कि कांग्रेस की यूपीए सरकार दस वर्षों के शासनकाल में कृषि सुधार के प्रावधानों का जिक्र करती, रही लेकिन उसे लागू करने की हिम्मत नहीं जुटा सकी। अब जब मोदी सरकार ने इन प्रावधानों को लागू कर दिया तो कांग्रेस नेता दुष्प्रचार करने में जुट गए हैं।
कमलनाथ से लेकर शरद पंवार तक करते थे इन्हीं सुधारों की बात
श्री तोमर ने कहा कि कांग्रेस के नेता आज जिन कृषि कानूनों का विरोध कर रहे हैं, अलग-अलग मंचों पर वे इन्हीं सुधारों की बात करते रहे हैं। उन्होंने बताया कि नीति आयोग के साथ सभी राज्यों ने इन सुधारों पर सहमति जताई थी। उस समय दस राज्यों के मुख्यमंत्रियों की कमेटी बनाई गई थी और उसमें मप्र के तत्कालीन मुख्यमंत्री कमलनाथ भी शामिल थे। कमलनाथ ने आवश्यक वस्तु अधिनियम को समाप्त करने की बात कही थी। यही नहीं स्वामीनाथन आयोग ने अपनी रिपोर्ट में इन तीनों सुधारों की वकालत की। शेतकारी संगठन के प्रमुख शरद जोशी ने किसानों को मंडियों के बंधन से मुक्त करने की बात कही। यूपीए सरकार के प्रधानमंत्री रहे मनमोहन सिंह और कृषि मंत्री रहे शरद पवार ने भी इन सुधारों पर सहमति जताई थी। कृषि मंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के 10 वर्षों तक श्री शरद पंवार हमेशा इन प्रावधानों का जिक्र करते थे, लेकिन कुछ लोगों के स्वार्थ और दबाव के चलते इन सुधारों को लागू करने की हिम्मत नहीं जुटा पाए। अब मोदी सरकार ने बिना किसी दबाव के कृषि सुधार के विधेयकों को लागू कर दिया तो कांग्रेस सहित विपक्ष के नेता इन सुधारों को हजम नहीं कर पा रहे हैं।
संसद में कोई तथ्य नहीं रखे, सड़कों पर कर रहे हंगामा
श्री तोमर ने कहा कि कांग्रेस नेता कहते हैं कि कृषि विधेयकों पर लोकसभा और राज्यसभा में चर्चा नहीं हुई। इस चर्चा को पूरे देश ने टेलीविजन पर देखा है। संसद के दोनों सदनों ने कांग्रेस और विपक्षी नेताओं ने जमकर राजनीति की, लेकिन किसी प्रावधान का विरोध तक नहीं किया। जब कांग्रेस के लोगों को लगा कि इन विधेयकों को पारित होने से नहीं रोका जा सकता, तो वे असंसदीय आचरण पर उतर आए। उन्होंने कहा कि किसानों के मुद्दे पर कांग्रेस और उनके नेता राहुल गांधी आंदोलन करके विरोध कर रहे हैं, लेकिन इसमें हिंदुस्तान का आम किसान शामिल नहीं है। श्री तोमर ने कहा कि ट्रैक्टर पर सोफा लगाकर विरोध करने की यह शैली देश पहली बार देख रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की इस दोहरी राजनीति को देश की जनता और किसान अच्छी तरह समझ गये है और अब वे इससे भ्रमित होने वाले नहीं हैं।
प्रदेश की सभी सीटों पर भाजपा जीतेगी
प्रदेश में होने जा रहे  उपचुनाव के बारे में श्री तोमर ने कहा कि ग्वालियर-चंबल की 16 सीटों के साथ प्रदेश की सभी 28 सीटों पर भाजपा के ही प्रत्याशी जीतेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदेश में भाजपा किसानों को आत्मनिर्भर बनाने में जुटी हुई है। अभी हाल ही में प्रदेश में मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह जी ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि में चार हजार रुपए की वृद्धि की है। अब मप्र के किसानों को दस हजार रुपए वार्षिक मिलेंगे। ग्वालियर में नूराबाद के पास इजरायल सरकार के सहयोग से हार्टीकल्चर सेंटर शुरु किया जा रहा है। इससे किसानों को फायदा होगा। उन्होंने कहा कि चंबल संभाग में बनने जा रहे अटल एक्सप्रेस हाईवे से पूरे इलाके का विकास तेजी से होगा। हाईवे के आसपास जमीनों पर कौन से उद्योग लग सकें, इसकी मैपिंग की जा रही है। एक्सप्रेस वे की योजना को कमलनाथ सरकार ने ठंडे बस्ते में डाल दिया था, लेकिन मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह जी के प्रयासों से इसे फिर से जिंदा किया गया और केन्द्रीय मंत्री श्री नितिन गड़करी ने इस पर सहमति दी है।
टुकड़े-टुकड़े गैंग के सहयोगी रहे हैं राहुल गांधी
श्री तोमर ने हाथरस मामले की चर्चा करते हुए कहा कि घटना दुर्भाग्यपूर्ण है, लेकिन इसे लेकर किसी को भी सामाजिक विद्वेष फैलाने की इजाजत नहीं दी जा सकती। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेता उत्तरप्रदेश में अराजकता फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। जिस प्रकार से हाथरस की घटना पर दंगे फैलाने की साजिश बेनकाब हुई है, उससे जनता इनकी नीयत समझ गई है और यह तो पहले से जगजाहिर है कि कांग्रेस के नेता राहुल गांधी शुरू से टुकड़े-टुकड़े गैंग का साथ देते आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि उप्र सरकार इस साजिश को सफल नहीं होने देगी।
पत्रकार वार्ता के दौरान केंद्रीय मंत्री तोमर के साथ ग्वालियर सांसद विवेक शेजवलकर, प्रदेश मीडिया प्रमुख लोकेन्द्र पाराशर, जिलाध्यक्ष कमल माखीजानी, मीडिया पैनेलिस्ट आशीष अग्रवाल एवं संभागीय मीडिया प्रभारी पवन सेन भी उपस्थित थे।