अपने धर्म और भगवान पर विश्वास और आस्था होना बहुत जरूरी है-मुनिश्री

Sep 27 2020

ग्वालियर। विपरीत स्थिति आते ही ज्यादातर लोग अपना धर्म छोड़ इधर-उधर भटकने लग जाते हैं, जो यह दर्शाता है कि तु हें अपने धर्म और भगवान पर भरोसा नहीं है। आपका इधर-उधर भटकना कोई पाप नहीं है किंतु ऐसा कर आप अपने धर्म और भगवान का अपमान जरूर कर रहे हो। इसलिए सबसे पहले अपने धर्म और भगवान पर विश्वास और आस्था होना बहुत जरूरी है। यह विचार क्रांतिकारी मुनिश्री प्रतीक सागर महाराज ने रविवार को सोनागिर स्थित आचार्यश्री पुष्पदंत सागर सभागृह में संबोधित करते हुए कही।
मुनिश्री ने कहा आपके अंदर इतनी श्रद्धा और आस्था होनी चाहिए कि यदि मुझे मरना भी पड़े तो मर जाऊंगा किंतु मन में तनिक भी संशय नहीं बल्कि अटूट श्रद्धा होनी चाहिए। ऐसी श्रद्धा जिस श्रद्धालु के अंदर धर्म और भगवान के प्रति होगी, उसका दुनिया की कोई भी शक्ति बांल-बांका नहीं कर सकती। उन्होंने यह भी कहा कि संकट के समय भगवान याद आते हैं। यदि केवल संकट के समय भगवान को याद करते हो तो फिर तु हारा संकट कम हो ही नहीं सकता। इसलिए हम सभी को अच्छे-बुरे सभी समय में भगवान की भक्ति करते रहना चाहिए
चातुर्मास समिति के प्रचार संयोजक सचिन जैन आदर्श कलम ने बताया कि धर्म सभा के पहले समाजजनों ने आचार्य श्री पुष्पदंत सागर महाराज के चित्र के समक्ष दीपप्रज्वलन कर मुनिश्री प्रतीक सागर महाराज के चरणों मे श्रीफल भेंटकर मंगल आशीर्वाद लिया। प्रवचन के उपरांत मुनिश्री की आरती भी की गई। मुनिश्री के मंगल प्रवचन प्रतिदिन आचार्य पुष्पदंत सागर सभागृह में आयोजित किए जाएंगे।