बादल निकल लिए, सूखा रह गया शहर

Sep 25 2020

ग्वालियर। एक बार फिर सिस्टम की मौजूदगी और दो दिन लगातार  उमड़ते-घुमड़ते घने बादलों के बावजूद शहर एक बार फिर सूखा रह गया। बंगाल की खाड़ी में जबरदस्त सिस्टम बना था और मौसम विभाग द्वारा संभावना यह व्यक्त की जा रही थी कि कम से कम दो-तीन दिन तो शहर में जमकर बरसात होगी और यही बारिश सीजनेबल आंकड़े को पूरा कर देगी, लेकिन एक बार फिर मौसम दगा दे गया। इस बार के पूरे बरसाती सीजन की तरह ही इस नए सिस्टम ने भी हल्की बरसात से आगे कदम नहीं बढ़ाया। बताया गया है कि अब बरसात की आस अधूरी ही रह जाएगी, क्योंकि यह सिस्टम भी ग्वालियर का साथ छोड़कर छतरपुर के लिए डायवर्ट हो गया है। वैसे भी अब तय मानसूनी सीजन में महज पांच दिन का समय ही शेष बचा है। इस पूरे माह बरसात का आंकड़ा 517.6 मिलीमीटर से आगे नहीं बढ़ सका, यानि साफ है कि अब सूखे के हालात बन चुके हैं।
 बीती रात तक चल रही ठंडी हवा ने भी आज अपना रुख बदल लिया है, वहीं आसमान पूरी तरह साफ है और बादल गायब हैं। ऐसे में तेज धूप फिर परेशानी का सबब बनी हुई है। सितंबर के अंतिम सप्ताह में भी लोगों को धूप से बचने के उपाय करने पड़ रहे हैं, दोपहर से पहले ही लोगों ने घर के भीतर कदम खींच लिए। पारे ने फिर गति पकड़ ली है, ऐसे में धूप की चटक असहनीय साबित हो रही है। यही नहीं नमी की मात्रा बढऩे से उमस ने भी परेशान करने में कसर नहीं छोड़ी। अब कोई सिस्टम नहीं है, फिर भी मौसम विभाग का यह कहना जरूर है कि लोकल हीट के चलते बूंदाबांदी हो सकती है।