नन्ही विधायक से करवाया स्कूल के रिनोवेशन के लिए भूमि पूजन

Sep 21 2020

ग्वालियर। ग्वालियर दक्षिण विधायक प्रवीण पाठक ने अपनी निधि का एक बड़ा हिस्सा देकर अपनी विधानसभा के दो शासकीय विद्यालयों को लगभग सवा दो करोड़ रुपए  से अधिक राशि (2,32,22,853) से सर्वसुविधायुक्त बनाने के लिए  कार्य प्रारंभ करवा दिया है,जो शीघ्र ही पूर्ण होकर जनता के लिए लोकार्पित कर दिए जाएंगे।
इसी के चलते सोमवार को शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, मामा का बाजार में लगभग एक करोड़ आठ लाख रुपए (1,08,23,647) के कार्य का भूमिपूजन विद्यालय की नन्ही विधायक कु.हिना माहौर से करवाया गया।
ज्ञात हो कि पिछले माह 31अगस्त 2020 को ही शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, सिकंदर कंपू में लगभग सवा करोड़  रुपए (1,23,99,206) की राशि के कार्य का भूमि पूजन भी विद्यालय की नन्ही विधायक कु.योगिता केन के द्वारा किया गया था। 
ज्ञात हो कि ग्वालियर दक्षिण विधायक प्रवीण पाठक द्वारा अपनी विधानसभा के सभी शासकीय विद्यालयों में विद्यालयों की स्थिति एवं समस्याओं और विद्यालयों को  बेहतर बनाने के सुझावों के बारे में जानने के लिए प्रत्येक विद्यालय में उसी विद्यालय के छात्र/छात्रा को नन्हे विधायक के रूप में नियुक्त किया है, विधायक श्री पाठक इन नन्हे विधायक प्रतिनिधियों से हमेशा सतत् संपर्क रखकर विद्यालय के बारे में जानकारी लेते रहते हैं और वहां व्याप्त असुविधाओं एवं समस्याओं का यथासंभव निराकरण करने के लिए हमेशा प्रयासरत रहते हैं। 
शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, मामा का बाजार में लगभग एक करोड़ आठ लाख (1,08,23,647) के कार्य का भूमिपूजन विद्यालय की नन्ही विधायक कु.हिना माहौर से करवाया। इस कार्यक्रम में समाजसेवी आयुष वैद्य, प्राचार्य डॉ मुकेश सक्सेना एवं भवन निर्माण के विशेषज्ञों सहित कुछ छात्र छात्राएं एवं विद्यालय का स्टाफ उपस्थित था।
संभवत मध्यप्रदेश में यह दूसरा अवसर है जब करोड़ों के कार्य का भूमि पूजन उसी विद्यालय के किसी छात्र/छात्रा द्वारा किया गया हो। इससे पहले भी 31 अगस्त 2020 को ही विधायक श्री पाठक ने ही उसी विद्यालय की छात्रा से भूमि पूजन कार्य करवाया था।
विधायक पाठक का कहना है कि हमारी विधान सभा के शासकीय विद्यालय भी प्राइवेट स्कूलों की तर्ज पर सर्व सुविधा युक्त बनें जिससे कि यहां पढऩे वाले बच्चों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो एवं न ही उनमें किसी भी प्रकार की हीन भावना विकसित हो  साथ ही लोगों में यह धारणा भी टूटे कि अच्छा माहौल और अच्छी पढ़ाई प्राइवेट स्कूलों में ही होती है लोगों में इन शासकीय विद्यालयों में एडमिशन के लिए प्रतिस्पर्धा हो,उत्सुकता हो एवं यहां के बच्चे पढ़कर अपने मां-बाप के साथ-साथ शहर, प्रदेश और देश का नाम पूरे विश्व में रोशन करें।