आखिर छह माह बाद खुले स्कूल, मास्क लगाकर पहुंचे टीचर और बच्चे

Sep 21 2020

ग्वालियर। कोरोना संक्रमण के बीच सोमवार से कक्षा 9वीं से  लेकर 12वीं तक के सरकारी और निजी स्कूल खुल गए। 6 माह बाद खुल रहे स्कूलों की निगरानी जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में पदस्थ अधिकारियों के हाथों रहेगी। स्कूल सिर्फ आंशिक रूप से खोले जा रहे हैं जिसकी गाइड लाइन जारी कर दी गई है। जिला शिक्षा अधिकारी विकास जोशी ने बताया कि स्कूल जरूर खुल रहे हैं पर आंशिक रूप से स्कूलों को खोला जा रहा हैं। स्कूलों में कक्षाएं नहीं लगेंगी सिर्फ ऑनलाइन पढ़ाई में विद्यार्थियों को होने वाली परेशानियों को दूर किया जाएगा। कोई भी स्कूल इस दौरान कक्षाएं नहीं लगाएगा। 
आज सुबह महाराज बाड़ा स्थित गोरखी विद्यालय में कुछ विद्यार्थी परिजनों की स्कूल आने की पर्ची लेकर साथ आए, इस दौरान शिक्षकों ने दोनों बच्चों को क्लास में सामाजिक दूरी पर बैठाकर उन्हें कोर्स समझाया। कहा कि क्लास नहीं लग रही हैं तो वह वापस लौट गए। उन्हें बताया गया कि कोई विद्यार्थी स्कूल नहीं आना चाहता हैं तो इससे उसकी उपस्थिति पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
स्कूल पहुंचने वाले सभी विद्यार्थियों के साथ ही शिक्षकों और कर्मचारियों को फेस कवर करना अनिवार्य है। सुबह के समय कई स्कूलों में शिक्षक मास्क पहने दिखाई दिए। इसी के साथ कोई भी छात्र, शिक्षक या कर्मचारी बीमार है तो उन्हें स्कूल आने की अनुमति नहीं दी जाएगी। स्कूलों में क्लास के बाहर सैनिटाइजर रखा दिखाई दिया। 
क्या कहते हैं अभिभावक
दाल बाजार निवासी प्रशांत गर्ग का कहना है कि कोरोना संक्रमण के मरीजों की सं या शहर में निरंतर बढ़ती जा रही है और अब तो मृत्यु दर का आंकड़ा भी एक सैकड़ा के पार पहुंच गया है, ऐसे में बच्चों को स्कूल भेजकर कोई रिस्क नहीं लेना चाहेगा। इस समय स्कूल खोलना ही उचित नहीं है। वहीं शिक्षिका दीपमाला पवार का कहना है कि कोरोना संक्रमण के दौरान सरकार को स्कूल ही नहीं खोलना चाहिए। संक्रमण अगर फैल गया तो एक साथ कई लोग इसकी चपेट में आएंगे क्योंकि बच्चों को कितना भी सावधान किया जाए लेकिन वह नहीं मानते। एक बच्चो में अगर संक्रमण फैला तो कई बच्चे और उनके परिजन भी इसकी चपेट में आ सकते हैं।
तैयारियां सुबह से पूरी
स्कूल खुलने से पहले ही सुरक्षा के पूरे इंतजाम किए जा रहे हैं और सरकारी स्कूलों को सेनेटाइज करने के लिए नगर निगम की टीमें सुबह से ही सक्रिय हो गईं। सोमवार को भले ही बच्चे स्कूल नहीं पहुंचे हों लेकिन नगर निगम की टीमें स्कूल कैंपस को सेनेटाइज करने के लिए सुबह 7 बजे से ही पहुंच गईं। शिक्षा विभाग द्वारा आदेश जारी किया गया है कि कोरोना संक्रमण से बचने के लिए पूरी एहतियात बरती जानी चाहिए, जिसके चलते स्कूलों को सेनेटाइज किया गया और मास्क भी रखे गए हैं जो बच्चे मास्क लगाकर नहीं आ पाते हैं उन्हें मास्क दिया जाएगा।
सोमवार से स्कूल खुल गए हैं लेकिन ब"ो नहीं पहुंचने से जहां स्कूल कैंपस में सन्नाटा रहा तो वहीं द तर में शिक्षक-शिक्षिकाएं बतियाती हुईं नजर आईं। स्कूलों में 50 फीसदी स्टाफ बुलाने के लिए शिक्षा विभाग ने आदेशित किया है और सुबह 9 बजे से 11 बजे तक या फिर दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक शैक्षणिक कार्य कराने के लिए कहा गया है।