न चेहरे पर मास्क, न ही सामाजिक दूरी का ख्याल, बेपरवाह हैं लोग

Sep 19 2020

ग्वालियर। ग्वालियर जिले में कोरोना संक्रमण का प्रभाव अपनी चरम सीमा को पार कर रहा है। प्रतिदिन संक्रमण से ग्रसित हो रहे लोगों का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। कांग्रेस के राजनैतिक कार्यक्रम के बाद भी इसकी संख्या बढऩे की संभावना व्यक्त की जा रही है। चूंकि अब अनलॉक है तो पुलिस भी कई दिनों से शहर की सड़कों से नदारद है। लोग बेपरवाह हैं और कोरोना से बचने नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। ये लोग विशेषकर युवा और बच्चे समेत महिलाएं न चेहरे पर मास्क, न ही सामाजिक दूरी का याल रख रहे हैं। सामाजिक दूरी के प्रति अब भी बेपरवाह बने हैं अनेकों लोग।
बेफिक्री का यह आलम भी तब है जब कोरोना संक्रमितों की नित नई तादाद सामने आती मिल रही है। शहर का ऐसा कौन सा बाजार नहीं हैं जहां सोशल डिस्टेंसिंग को धता बताते हुए लोगों का खासा जमावड़ा नजर आना मानों रोजमर्रा की बात हो गई है। बाजारों में खासकर सजी-फल की दुकानों पर लोग बिल्कुल बेपरवाही के अंदाज में खरीदारी करते मिलते रहे हैं। लश्कर, मुरार और गोला का मंदिर क्षेत्र में कई स्थानों पर महिला-पुरूष राशन कार्डधारियों का खासा जमावड़ा लगा था। यहां एक-दूसरे से बिल्कुल सटे खड़े लोगों की उक्त भीड़ में शायद ही दो-चार लोग अपने चेहरे पर मास्क या फिर आधे-अधूरे ढंग में कपड़ा लगाए नजर आए। शेष अधिकांश लोगों को न मास्क का ख्याल दिखा, न ही सोशल डिस्टेंसिंग का।
कई बाजारों में तार-तार हो रहे नियम
इसके अलावा शहर के प्रमुख बाजार की फल दुकानों से लेकर मेडिकल,पैथोलॉजी व चिकित्सक की क्लिनिकों तक पर भी कई मौकों पर ऐसे ही नजारे सामने आते मिले हैं जिनमें जरूरी दो गज की दूरी छोड़, दो ईंच का फासला भी ढूंढ़ पाना मुश्किल बना दिखा है। महाराज बाड़ा समेत अन्य बाजारों में लोग विशेषकर ग्रामीण क्षेत्र से आए लोग पूरी तरह से कोरोना महामारी से अंजान हैं। 
नगर ग्वालियर के सराफा बाजार की दुकानें रहीं बंद
कोरोना संक्रमण के बढ़ते आंकड़ों को देखते हुए उप नगर ग्वालियर के सराफा कारोबारियों ने मंगलवार के साथ ही आज शनिवार को भी अवकाश रखने का निर्णय लिया। सराफा संघ ग्वालियर के ने बताया कि साप्ताहिक अवकाश मंगलवार के साथ ही अब शनिवार (19 सितंबर) से उपनगर ग्वालियर का सराफा बाजा शनिवार-मंगलवार को बंद रहेगा। सर्वसमति से यह फैसला लिया गया है। हालांकि बाजार में कुछ सराफा व्यापारी शटर बंद किए ग्राहकों को अंदर कर व्यापार करते देखे गए। कई सराफा व्यापारी दुकान के बाहर खड़े रहे, जैसे ही कोई ग्राहक आते दिखा तो वे दुकान के अंदर ले जाते।