पशुधन संजीवनी हेल्पलाइन ‘1962' ने संकट के दौर में मध्य प्रदेश में पशुधन और मवेशियों के मालिकों को प्रदान की जरूरी चिकित्सा सहायता

Sep 17 2020

 

ग्वालियर,  मध्यप्रदेश सरकार के पशुपालन विभाग और इंडसइंड बैंक के पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी भारत फाइनेंशियल इन्क्लूजन लिमिटेड (बीएफआईएल) ने ‘पशुधन संजीवनी हेल्पलाइन-1962‘ के माध्यम से प्रदेश भर में अपनी सेवाओं को जारी रखा है। यहां तक कि लाॅकडाउन के दौरान रेड जोन में चुनौतीपूर्ण स्थितियों के बावजूद पशुधन संजीवनी हेल्पलाइन के जरिये किसानों के मवेशियों को चिकित्सा सहायता प्रदान की गई। ‘पशुधन संजीवनी हेल्पलाइन-1962‘ की पहल के माध्यम से केवल एक फोन कॉल पर किसानों के दरवाजे पर गुणवत्तापूर्ण पशु चिकित्सा सेवाएं, एआई और टीकाकरण सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। वर्तमान चुनौतीपूर्ण दौर में कोविड -19 के प्रकोप और लॉकडाउन के बाद से हेल्पलाइन के जरिये 6000 से अधिक किसानों की सहायता की गई। इस दौरान 68,306 पशुधन का इलाज किया गया और 48,323 ऐसे मवेशियों की जान बचाई गई, जो एक गंभीर रोगों से ग्रस्त थे।

मध्य प्रदेश के पशुपालन विभाग के डायरेक्टर डाॅ. आर के रोकड़े कहते हैं, ‘‘पशुधन संजीवनी हेल्पलाइन-1962 देश में अपनी तरह की एक अनूठी पहल है। मध्य प्रदेश देश का एकमात्र ऐसा राज्य है, जिसके पास व्यापक स्तर पर इस तरह की सुविधा है। इस परियोजना के तहत मध्य प्रदेश में प्राप्त परिणामों ने महाराष्ट्र, राजस्थान, छत्तीसगढ़ आदि अन्य राज्यों को भी अपने राज्य में एमपी मॉडल का अध्ययन करने और इसे अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया है।‘‘

बीएफआईएल के चीफ पीपुल आॅफिसर श्रीनिवास रेड्डी वदुमुला ने कहा, ‘‘पशुधन संजीवनी हेल्पलाइन-1962 के जरिये योग्य पशु चिकित्सकों और प्रौद्योगिकी के नेतृत्व में बीएफआईएल ने मवेशियों के लिए स्वास्थ्य सेवाएं किसानों के दरवाजे पर ही उपलब्ध कराई हैं। लॉकडाउन के दौरान, हमें हर दिन 2000 से अधिक कॉल मिले और हमारा मिशन था कि प्रभावित किसानों में से प्रत्येक को सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं। मध्य प्रदेश सरकार के साथ साझेदारी और इसमें शामिल सभी अधिकारियों द्वारा प्रदान की गई सहायता प्रशंसा के योग्य है और उनकी सहायता से ही हम राज्य भर में इस अनूठी पहल को सफल बनाने में कामयाब रहे हैं।‘‘

इंडसइंड बैंक की सहायक कंपनी भारत फाइनेंशियल इन्क्लूजन लिमिटेड 2018 से मध्य प्रदेश सरकार के सहयोग से पशु चिकित्सा देखभाल हेल्पलाइन 1962 - पशुधन संजीवनी का संचालन कर रही है। कंपनी ने इस पहल के लिए एक मोबाइल ऐप और अन्य आईटी कार्यान्वयन उपकरण विकसित किए हैं। इस संपूर्ण प्रक्रिया का प्रबंधन करने के लिए भोपाल में 50-सीटर कॉल-सेंटर चलाने के लिए कंपनी ही फंड उपलब्ध कराती है। ‘पशुधन संजीवनी हेल्पलाइन-1962‘ ने अब तक 6.1 लाख किसानों की मदद की, 7.63 लाख पशुधन का इलाज किया और 4 लाख से अधिक पशुधन की जान बचाई।